शिव नमस्कार मंत्र एक ऐसा दिव्य मंत्र है, जो भगवान शिव की आराधना का सरल और प्रभावशाली साधन है। यह मंत्र शिव के उस रूप को समर्पित है, जो संहार, सृजन, और संरक्षण का प्रतीक है। Shiv Namaskar Mantra का जाप उनके प्रति समर्पण और आदर को दर्शाता है और साधक को भीतर की गहराइयों में शिव तत्वों का अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है।
इस मंत्र का जाप करने से मन की अशांति, मानसिक तनाव, और नकारात्मकता दूर होती है। यह मंत्र साधक को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है और जीवन में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। माना जाता है कि नमस्कार मंत्र का जाप करने से साधक का आत्मविश्वास बढ़ता है और उसे हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
Shiv Namaskar Mantra
ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय ,
हिरण्यपतये अंबिकापतये उमापतये पशूपतये नमो नमः॥1॥
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंंकराय च,
मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च॥2॥
ईशानः सर्वविद्यानामीश्वरः सर्वभूतानां,
ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपतिर्ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम्॥3॥
तत्पुरुषाय विद्महे वागविशुद्धाय धिमहे तन्नो शिव प्रचोदयात्,
महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धिमहे तन्नों शिव प्रचोदयात्॥4॥
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः,
सर्वशर्वेभ्यो नमस्तेऽस्तु रुद्ररूपेभ्यः॥5॥
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय
नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय,
नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो
मनोन्मनाय नमः॥6॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः,
भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥7॥
नमः सायं नमः प्रातर्नमो रात्र्या नमो दिवा,
भवाय च शर्वाय चोभाभ्यामकरं नमः॥8॥
यस्य निःश्वसितं वेदा यो वेदेभ्योऽखिलं जगत्,
निर्ममे तमहं वन्दे विद्यातीर्थ महेश्वरम्॥9॥
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्,
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥10॥
सर्वो वै रुद्रस्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु,
पुरुषो वै रुद्रः सन्महो नमो नमः।
विश्वं भूतं भुवनं चित्रं बहुधा जातं जायमानं च यत्,
सर्वो ह्येष रुद्रस्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु॥11॥
शिव नमस्कार मंत्र जाप के बाद आप शिव जी की आरती लिरिक्स का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। भगवान केवल यही नहीं शिव के मंत्र जैसे शिव शाबर मंत्र या शिव रूद्र मंत्र लिरिक्स का नियमित जाप करने से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
FAQ
हाँ, यह मंत्र सभी के लिए है इसे किसी भी जाती या धर्म के व्यक्ति कर सकते है और शिव की कृपा प्राप्त कर सकते है।
इस मंत्र का अर्थ शिव के प्रति अपने आप को समर्पित कर उनको नमन करना है।
108 बार मंत्र का जाप करने से आप शिव की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते है।
नहीं आप मंत्र का जाप केवल विशेष अवसरों जैसे शिवरात्रि, सावन और सोमवार के दिनभी कर सकते है।