Shiv Jogi Matwala Mera Shiv Jogi Matwala
बम लेहरी केहता है कोई कहता है डमरू वाला
दो पल ध्यान लगा के जिस ने जो माँगा दे डाला
कितना भोला भाला
शिव जोगी मतवाला मेरा शिव जोगी मतवाला
विश्व नाथ की महिमा जग में कोई समज न पाया
महादेव ही जाने कया है महादेव की माया
खुद कुटियाँ में रेहता है जिसने संसार बनाया
ना जाने केलाशी के मन को केलाश क्यों भाया
बाँट दिया अमृत देवो में पी लिया विष का प्याला कितना भोला भाला,
शिव जोगी मतवाला मेरा शिव जोगी मतवाला
तीनो लोको में शिव जैसा देखा न कोइ दानी
बसमा सुर जैसे पापी की बात भी शिव ने मानी
ना शिव सा सन्यासी कोई ना कोई ग्यानी ध्यानी
देदी दान सोने की लंका की न आना कानी
त्याग दिए रत्नों के गेहने पेहने सर्प की माला
शिव जोगी मतवाला मेरा शिव जोगी मतवाला
पुष्प विमान दिए देवो को की नंदी की सवारी
इक दिन गोरा बोली शिव से समजो बात हमारी
भोला भोला केह के तुम को ठग लेते पुजारी
कण आँखे खोलो गे हे बदम्भर धारी
ये भी न देखे भोला है कौन मांगने वाला कितना भोला बाला
शिव जोगी मतवाला मेरा शिव जोगी मतवाला