Tum To Bholenath
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो.
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
भक्तो को दर्शन तुम कैसे दोगे भोले….
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो,
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
कन्या को घर वर कैसे दोगे भोले,
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो…..
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो,
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
बाँझन को पुत्र तुम कैसे दोगे भोले,
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो…..
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो,
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
अंधे को नैन तुम कैसे दोगे भोले,
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो….
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो,
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
निर्धन को माया फिर कैसे दोगे भोले,
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो….
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो,
रोज रोज भोले तुम जो ऐसा करोगे ओ हो,
कोढ़ी को काया तुम कैसे दोगे भोले,
तुम तो भोलेनाथ हो भंगिया पी के भूल जाते हो….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile