Bhole Ka Didaar Pane Ko
मेरी अखियाँ तरस गयी,
भोले का दीदार पाने को,
मैं भगत दीवाना तेरा,
दिखा दूँगा जमाने को,
मेरी अखियाँ तरस रही,
भोले का दीदार पाने को……
तेरी लगन में डूबा रहूँगा,
जब तक है साँसों में दम,
जितना चाहे ले ले इम्तेहा,
फिर भी आस ना होगी कम,
ये मन विचलित हो रहा भोले,
आ कुछ समझाने को,
मेरी अखियाँ तरस रही,
भोले का दीदार पाने को…..
कोई चढ़ाए सोना चाँदी,
हीरे और मोती अनमोल,
मेरे पास प्रभु कुछ भी नहीं,
बस भक्ति लगन के मीठे बोल,
ये जीवन तुझपे अर्पण,
आ दया बरसाने को,
मेरी अखियाँ तरस रही,
भोले का दीदार पाने को…..
मेरी अखियां तरस गयी,
भोले का दीदार पाने को,
मैं भगत दीवाना तेरा,
दिखा दूँगा जमाने को,
मेरी अखियाँ तरस रही,
भोले का दीदार पाने को…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile