Mujhe Haridwar Ko Jana Hai
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है,
मुझे हरिद्वार को जाना है, मुझे हरिद्वार को जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..
या गाड़ी में मेरे सास ससुर है,
के उनको गंगा नहाना है, मुझे हरिद्वार में जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..
या गाड़ी में मेरे जेठ जेठानी,
के उनको दरस कराना है, मुझे हरिद्वार को जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..
या गाड़ी में मेरे देवर दयोरानी,
उनकी झोली भराना है, मुझे मनसा पर जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..
या गाड़ी में मेरे ननंद नंदोई,
उनकी अर्जी लगाना है, मुझे चंडी पै जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..
या गाड़ी में मेरे आडोसी पड़ोसी,
उन्हें विश्वास दिलाना है, मुझे हरिद्वार को जाना है,
गाड़ी धीरे धीरे हांक मुझे हरिद्वार को जाना है…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile