भजमन शंकर भोलेनाथ डमरू मधुर बजाने वाले लिरिक्स

शंकर भोलेनाथ डमरू मधुर बजाने वाले एक अत्यंत प्रसिद्ध शिव भजन है, जो भगवान शिव की महिमा को समर्पित है। इस भजन में भोलेनाथ के डमरू की मधुर ध्वनि का वर्णन किया गया है, जो न केवल संसार की सृष्टि और संहार के प्रतीक हैं, बल्कि भक्तों के जीवन में अमूल्य शांति और आशीर्वाद लाने वाले भी हैं। इस भजन को पढ़ते और गाते हुए, हम भगवान शिव की अनंत कृपा का अनुभव करते हैं।

Bhajman Shankar Bholenath Damaru Madhur Bajane Wale Lyrics

भजमन शंकर भोलेनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

मुक्ति हेतु बसाई काशी,
जहां रहे भोले अविनाशी,
विजया भोग लगाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

कर त्रिशूल पहिरे मृगछाला,
भोला ऐसा दीनदयाला,
बिगड़े काम बनाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

सकल मनोरथ पूरण कारी,
गिरजापति कैलाश बिहारी,
प्रभु महादेव कहाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

नित गान प्रभु का गावे,
सब सुख भोग परम पद पावे,
आवागमन छुड़ाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

भजमन शंकर भोलेनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले।।

भोलेनाथ की महिमा अपरंपार है, और उनके भजनों में जो अद्भुत शक्ति और शांति है, वह भक्तों के जीवन को दिशा देती है। “शंकर भोलेनाथ डमरू मधुर बजाने वाले” जैसे भजनों को पढ़ना या करना, हमें भगवान शिव के आशीर्वाद से भरपूर करता है। शिवजी के अन्य भजनों जैसे “शिव तांडव स्त्रोत,” “महाकाल की आरती,” और “बम बम भोले” को भी पढ़ने से हमारी भक्ति और श्रद्धा और भी गहरी होती है। भगवान शिव के सभी भजनों को पाठ करना, हमें उनके आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का मार्गदर्शन देता है।

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