Khel Tumhare Jag Se Neerale Hai Damaru Wale Ho Damaru Wale
खेल तुम्हारे जग से निराले है डमरू वाले ओ डमरू वाले,
सब देवों में हो भोले भाले है डमरू वाले ओ डमरू वाले,
सिर गंगा मुख चंदा सोहे
गौरी गणपति मन को मोहे
पिये हलाहल भंगिया के प्याले है डमरू वाले ओ डमरू वाले
हे त्रिपमुरारी त्रिनेत्र धारी,
लीला धारी भोले भंडारी,
तू ही गिराए तू ही संभाले है डमरू वाले ओ डमरू वाले,
डगमग डोले जीवन नैया ,
बन जाओ तुम नाथ खिवैया,
तुमने सदा सब के कष्ट टाले है डमरू वाले ओ डमरू वाले ,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile