Shiv Ki Bhige Kavadiya
सावन की बरसे बदरिया शिव की भीगे कावाड़िया,
भीगे कावड़िया, शिव की भीगे कावड़िया…..
नील कंठ में शिव जी का डेरा,
कैसे चढ़ूँ पैर फिसले है मेरा,
टेढ़ी मेढ़ी डगरिया, शिव की भीगे कावड़िया….
छाई हरियाली झूमे अंबुवा की डाली,
होके मतवाली कूके कोयलिया काली,
चमके डगर में बिज़ूरिया, शिव की भीगे कावड़िया….
काली घटा काली भर भर आयी,
गंगा जल से शिवलिंग नहलायी,
भक्तों पे भोले की नज़रिया, शिव की भीगे कावड़िया….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile