Ab Tu Hi Sahara Bhole
रूठ गई है किस्मत ये मेरी रूठा जग सारा,
अब तू ही सहारा भोले तू ही सहारा………
कालों के काल महाकाल तेरा घर तो है कैलाश,
तेरे दर पर आया हूं मैं कुछ भी नहीं है मेरे पास,
अपना दुख मैं कितना सुनाओ किस्मत ने हैं मारा,
अब तू ही सहारा भोले तू ही सहारा…….
चढ़ता है तुझको भांग धतूरा मिश्री मलाई न भाता है,
तेरी जटा से निकली गंगा गंगाधर कहलाता है,
तेरे नाम से दुख हट जाता दे दे साथ हमारा,
अब तू ही सहारा भोले तू ही सहारा……..
मैं हूं तेरा बाल पुजारी तुम मेरे तू स्वामी हो,
गलती माफ करना मैं तो एक कल गामी हूं,
अब मान भी जाओ मेरे भगवन कर दो वारा न्यारा,
अब तू ही सहारा भोले तू ही सहारा………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile