Dekh Sakhi Bhola Ki Aagai Barat
देख सखी भोला की आ गई बारात,
रस बारी के भौंरा रे,
भौंरा रे भौंरा रे, आ गई बारात,
रास बारी के भौंरा रे,
देख सखी भोला की….
राजा हिमांचल ने मंडप डराऐ,
रस बारी के भौंरा रे..
दस हजार हाथ लंबे चौड़े डराऐ,
रास बारी के भौंरा रे…
हीरा और मोती के पत्ता चढ़वाए,
रस बारी के भौंरा रे…
गज मोतीयों के चौंक पुरवाऐ,
रस बारी के भौंरा रे…
ब्रह्मा विष्णु नारद और देवता भी आए.
रस बारी के भौंरा रे…
भोले बाबा पार्वती व्याहने को आए,
रस बारी के भौंरा रे…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile