सालासर में जिसका आना-जाना हो गया भजन श्री सालासर बालाजी की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन उन भक्तों की श्रद्धा और आस्था को प्रकट करता है जो बालाजी महाराज के दर्शन के लिए सालासर धाम की पावन भूमि पर पहुँचते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भी सच्चे मन से सालासर बालाजी के दरबार में हाजिरी लगाता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। बालाजी महाराज की कृपा से भक्तों का जीवन संकटों से मुक्त हो जाता है, और वे सुख-समृद्धि का अनुभव करते हैं।
Salasar Mein Jiska aana jana Ho Gaya
सालासर में जिसका,
आना जाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।।
जा के दरबार में,
जो शीश झुकाते हैं।
बालाजी दयालु उन्हें,
गले से लगाते हैं।
जिसका मेरे बाबा से,
याराना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।।
प्यार का खजाना,
बालाजी का भरपूर है।
प्रेम को लुटाने में,
ये बड़े मशहूर है।
जो भी इनसे जाना,
पहचाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।।
बाबा के दीवाने की तो,
बात निराली है।
बाबा की कृपा से,
मोहन मुरली की दीवानी है।
जिनका उनके चरणों में,
ठिकाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।।
सालासर में जिसका,
आना जाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।
वो ही मेरी बाबा का,
दीवाना हो गया।।
सालासर बालाजी की महिमा अपरंपार है, और उनके धाम में आकर हर भक्त को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति होती है। यह भजन हमें यह संदेश देता है कि जब भी कोई श्रद्धा और समर्पण के साथ बालाजी महाराज की शरण में आता है, तब वे उसकी हर समस्या का समाधान कर देते हैं। उनकी कृपा से भक्तों के जीवन में खुशहाली आती है, और वे हर संकट से मुक्त हो जाते हैं। जो भी सच्चे मन से बालाजी महाराज को याद करता है, उसे कभी निराशा नहीं मिलती।