Vo Papi Man Karle Bhajan Mauka Mila Hai To Karle Jatan
ओ पापी मन करले भजन,
मौका मिला है तो करले जतन।।
ओ पापी मन करले भजन,
मौका मिला है तो करले जतन…
बाद में प्यारे पछताएगा जब,
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।
चार दिनों का है जग का मेला,
कोई ना साथी संगी अकेला।
जैसा तू आया जग में वैसा ही तू जाएगा,
मुठ्ठी बाँध के आया जग में,
हाथ पसारे जाएगा…
हो बाद में प्यारे पछताएगा जब,
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।
भाई बंधू कुटुंब कबीला,
ये तो जग का झूठा झमेला…
मरने के बाद तुझे आग में जलाएंगे,
तेरह दिनों का तेरा मातम मनाएंगे,
बाद में प्यारे पछताएगा जब…
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।
राम नाम का सुमिरण करले,
राम जी का नाम प्यारे घट में धर ले…
राम जी का नाम प्यारे काम तेरे आएगा,
जीवन मरण से तू मुक्ति पा जायेगा,
बाद में प्यारे पछताएगा जब…
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।
ओ पापी मन कर ले भजन,
मौका मिला है तो करले जतन,
बाद में प्यारे पछताएगा जब…
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile