Vo jane Wale Raghuveer Ko Pranam Hamara Kah Dena
ओ जाने वाले रघुवीर को,
प्रणाम हमारा कह देना
प्रणाम हमारा कह देना,
सीताराम हमारा कह देना ॥॥
श्री राम की माता कौशल्या,
और दशरथ धीरज धारी को,
श्री भरत की माता केकयी को,
प्रणाम हमारा कह देना॥॥
श्री भरत शत्रुघ्न भैया को,
और छोटी मात सुमित्रा को,
श्री सीता जनक दुलारी को,
प्रणाम हमारा कह देना॥॥
श्री हनुमान बल सुग्रीव को,
और सारी अंगद सेना को,
श्री पूरी अयोध्या नगरी को,
प्रणाम हमारा कह देना॥॥
श्री राम चंद्र अवतारी को,
और लक्ष्मण धनुवा धारी को,
श्री लवकुश आज्ञाकारी को,
प्रणाम हमारा कह देना॥॥
श्री बल्मीकि रामायण को,
और चारो वेद पुराणों को,
श्री गीता मात कल्याणी को,
प्रणाम हमारा कह देना॥॥

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile