जय रघुनंदन जय सियाराम बोले जा मन सुबहो शाम लिरिक्स

जय रघुनंदन जय सियाराम बोले जा मन सुबहो शाम एक पावन भजन है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के अद्भुत नामों का गुणगान करता है। इस भजन में यह संदेश दिया गया है कि राम के नाम का जाप सुबह और शाम दोनों समय करना चाहिए, ताकि जीवन में शांति, सुख और समृद्धि की प्राप्ति हो सके। यह भजन भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण और भक्ति को प्रेरित करता है, जिससे जीवन में सद्गति मिलती है।

Jay Raghunand Jay Siyaram Bole Ja Man Subho Sham Lyrics

जय रघुनंदन जय सियाराम,
बोले जा मन सुबहो शाम,
तेरे बन जाये बिगड़े सभी काम है,
तेरे बन जाये बिगड़े सभी काम है,
बोलो जय श्रीराम बोलो जय श्रीराम।1।

एक थी कोई पत्थर की शिला,
जाने कब से पड़ी थी मन मार,
चरण कमल छूये नार बनाया,
प्रभु राम जी किये है उद्धार,
इनके चरणों मे ऐसी गजब बात है,
इनके चरणों मे ऐसी गजब बात है,
भक्त के दिल मे बसते मेरे राम है,
बोलो जय श्रीराम बोलो जय श्रीराम।2।

पार करा नदियाँ केवट कहे,
सुनो मेरी करुणानिधान,
नैया उतराई मुझे मोक्ष मिले,
प्रभु मधुर दिए मुस्कान,
रघुवर जी का ये ही तो अंदाज़ है,
रघुवर जी का ये ही तो अंदाज़ है,
बोलो जय श्रीराम बोलो जय श्रीराम।3।

शबरी बिचारी दर्शन की दुखारी,
प्रभु सुध लिए आ गये द्वार,
खाये झूठे बेर बने प्रेम के पुजारी,
दिया प्रेम का अनोखा उपहार,
दिल से कोमल हृदय में भरा प्यार है,
दिल से कोमल हृदय में भरा प्यार है,
बोलो जय श्रीराम बोलो जय श्रीराम।4।

जय रघुनंदन जय सियाराम,
बोले जा मन सुबहो शाम,
तेरे बन जाये बिगड़े सभी काम है,
तेरे बन जाये बिगड़े सभी काम है,
बोलो जय श्रीराम बोलो जय श्रीराम।5।

जय रघुनंदन जय सियाराम बोले जा मन सुबहो शाम भजन श्रीराम के अनंत गुणों को उजागर करता है, और इसी तरह के भजन जैसे राम सम नहीं कोई और उदार और जो राम का नहीं किसी काम का नहीं हमारे दिलों में भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम और भक्ति को और भी गहरा करते हैं। भगवान श्रीराम के नाम में इतनी शक्ति है कि जीवन की हर कठिनाई सरल हो जाती है। उनके भजन और उपासना से हम अपनी आत्मा को शुद्ध कर सकते हैं। जय श्रीराम!

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