होली का पावन पर्व जब प्रभु श्रीराम के नाम के साथ जुड़ जाता है, तो वह और भी भक्तिमय और आनंदमय हो जाता है। होली खेले रघुवीरा अवध में भजन हमें उस दिव्य क्षण की याद दिलाता है जब अयोध्या के राजा, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, अपने भक्तों और परिवार संग होली के रंगों में रंगे थे। इस भजन के माध्यम से हम अनुभव कर सकते हैं कि कैसी रही होगी वह पावन होली, जब स्वयं भगवान ने अपने भक्तों संग प्रेम और भक्ति के रंग बिखेरे होंगे।
Holi Khele Raghuveera Avadh me
होली खेले रघुवीरा अवध में,
होली खेले रघुवीरा।1।
काहे के हाथ कनक पिचकारी,
काहे के हाथ अबीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।2।
राम के हाथ कनक पिचकारी,
सिया के हाथ अबीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।3।
काहे के हाथ मृदंग झांझर ढफ,
काहे के हाथ मंजीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।4।
राम के हाथ मृदंग झांझर ढफ,
सिया के हाथ मंजीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।5।
कौन के भीजे पचरंग पगड़ी,
कौन के भीजे चीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।6।
राम के भीजे पचरंग पगड़ी,
सिया के भीजे चीरा,
अवध में होली खेलें रघुवीरा,
होली खेलें रघुवीरा अवध में,
होली खेलें रघुवीरा।7।
होली खेले रघुवीरा अवध में,
होली खेले रघुवीरा।8।
श्रीराम की होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के रंगों की होली है। यह भजन हमें रामनाम के रंग में रंग जाने की प्रेरणा देता है, ताकि हमारे जीवन में भी सच्ची भक्ति का रंग चढ़ सके। यदि यह भजन आपको भाव-विभोर कर गया हो, तो आप अवधपुरी में दीप जले हैं सिया संग मेरे राम चले हैं, राम राज्य आया रे देखो, लल्ला की बांटो रे बधाई अवध में श्रीराम आए हैं, और राम मय हो गया पूरा देश जैसे अन्य भजन और लेख भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile