चलो अयोध्या राम राज में सजा दीपो की थाली

चलो अयोध्या राम राज में सजा दीपो की थाली भजन में प्रभु श्रीराम के आगमन का सुंदर दृश्य चित्रित किया गया है, जहाँ अयोध्या नगरी में दीपों से वातावरण रोशन हो उठता है। यह भजन हमें उस दिव्य और ऐतिहासिक पल की याद दिलाता है, जब श्रीराम ने अयोध्या लौटकर राजगद्दी पर बैठने के बाद नगर में खुशियाँ बिखेरी थीं। यह भजन न केवल प्रभु के स्वागत का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राम राज में हर दिल में शांति, प्रेम और सद्भावना का दीप जलता है।

Chalo Ayodhya Ram Raj Me Saja Deepo Thali

चलो अयोध्या राम राज में,
सजा दीपो की थाली,
पाप का कोई भाग नही,
चमके धर्म की लाली,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में।1।

सनातन धर्म की हुई जयकार,
गुँजा अवध में विजय अनुराग,
अटल आस की प्रबल साधना,
रघुवर तेरी प्रतिज्ञा में,
हुई धन्य धरा ये भारत की,
आये जो राम अयोध्या में,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में।2।

लहराया भगवा ऊँचे नभ में,
मिले बैकुंठ राम चरण में,
भव से पार लगे वो प्राणी,
बैठे जो राम की संध्या में,
हुई धन्य धरा ये भारत की,
आये जो राम अयोध्या में,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में।3।

चलो अयोध्या राम राज में,
सजा दीपो की थाली,
पाप का कोई भाग नही,
चमके धर्म की लाली,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में,
हुई धन्य धरा ये अवध की,
आये जो राम अयोध्या में।4।

चलो अयोध्या राम राज में सजा दीपो की थाली भजन के माध्यम से हम अनुभव करते हैं कि श्रीराम के आगमन से अयोध्या ही नहीं, हमारे दिलों में भी आनंद और प्रकाश फैल जाता है। जैसे राम राज ये आ गया और राम राज आ गया भगवा छा गया भजन में राम राज्य की उपस्थिति का जश्न मनाया गया है, वैसे ही इस भजन में भी दीपों की रौशनी से राम राज्य के उल्लास और समृद्धि को दर्शाया गया है। जब राम राज आता है, तो जीवन में सच्ची शांति और खुशियाँ आती हैं। जय श्रीराम!

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