जब भक्त का मन व्याकुल हो और दिल में भक्ति की अग्नि जल रही हो, तब सिर्फ एक ही पुकार होती है – “पधारो म्हारा बालाजी!” यह भजन उस भक्त की भावनाओं को व्यक्त करता है, जो अपने आराध्य बालाजी महाराज को अपने घर, अपने दिल और अपने जीवन में आमंत्रित करता है। जब बालाजी पधारते हैं, तो हर संकट मिट जाता है, हर दुख दूर हो जाता है और चारों ओर आनंद ही आनंद बिखर जाता है।
Padharo Mhara Balaji
जय हनुमाना वीर हनुमाना,
थारी करा मैं जय जयकार,
पधारो म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
राम जी रो थारे दरबार भावे,
श्याम जी रो थारे दरबार भावे,
अठे लग्यो है श्याम दरबार,
पधारों म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
ध्वजा नारियल थाने चढ़ावा,
सवामणी को थने भोग लगावा,
थारी घणी करांगा मनुहार,
पधारों म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
संकट मोचन नाम है थारो,
भगता का थे तो संकट टारो,
थारी भगता ने दरकार,
पधारों म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
‘संजय’ कवे बाबा थारा गुण गाऊं,
थारा गुण गाऊं मैं तो हाजरी बजाऊं,
मैं तो मंगल और शनिवार,
पधारों म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
जय हनुमाना वीर हनुमाना,
थारी करा मैं जय जयकार,
पधारो म्हारा बालाजी,
जय हनुमाना वीर हनुमाना……..
बालाजी महाराज की कृपा से हर भक्त का जीवन संवर जाता है। जब वे पधारते हैं, तो सारे कष्ट अपने आप दूर हो जाते हैं। यदि इस भजन से आपके मन में भक्ति की लहर उठी है, तो [अगला भजन: “बूटी ला दे रे बालाजी”] भी जरूर पढ़े, जिसमें उनके चमत्कारी कृपा की महिमा गाई गई है। ???? जय श्री बालाजी!