नारायण आया पावणा भजन में भगवान श्री नारायण के आगमन और उनके पवित्र प्रभाव को गाया जाता है। यह भजन भक्तों को इस बात की याद दिलाता है कि भगवान के आगमन से जीवन में पवित्रता, शांति और आशीर्वाद का संचार होता है। भगवान की उपस्थिति हर जगह महसूस की जा सकती है, और उनकी कृपा से भक्तों के जीवन के सारे दुःख समाप्त हो जाते हैं। यह भजन भगवान के दर्शन के बाद आने वाली शांति और सुख को व्यक्त करता है, जब भक्त उनके पवित्र चरणों में समर्पण करते हैं।
Narayan Aaya Pawana
छोरिया म्हारी गाओ ये बजाओ गढ़ की गुजरिया
म्हारा नारायण का गाओ मंगला चार….
म्हारे देव पधारिया पावणा ॥1॥
थाने धन्य धन्य म्हारी मालासेरी डुंगरिया ।
वठे जन्मिया जन्मिया त्रिलोकी का नाथ ॥2॥
नारायण आया पावणा….
सैया मारी कंकर फुटिया कवल निकल्या ।
ये तो कवला में लियो अवतार ॥3॥
नारायण आया पावणा……
देवजी जन्मते बाज्या चंग ढोलडा ।
या तो महला में बाजी सोवन ताल ॥4॥
नारायण आया पावणा…….
हीरा म्हारी पीली गोबर की देदे गुंरली ।
हीरा म्हारी मोतियाँ का चोक पुरायनारायण ॥5॥
नारायण आया पावणा……
हीरा म्हारी जाओ जोशी ने बेगो बुलावज्यो ।
म्हारा नारायण को निकलवा लेवा नाम ॥6॥
नारायण आया पावणा……
जोशी जूना पुराना काड़ो टिपणा।
म्हारा उदल को कडवा लेवो नाम ॥7॥
नारायण आया पावणा……
नारायण पीरु भोपा की सुणज्यो विनती।
देव जी गावे गावे थांका गुण गान।
भक्ता ने लजिया राक ज्यो ॥8॥
नारायण आया पावणा…….
देव जी चम्पा लाल शरण मे आवयो ।
देव जी नित उठ देवे चरणा माये धोक ।
वांकी नैया पार लगावज्यो ॥9॥
नारायण आया पावणा…….
नारायण आया पावणा भजन हमें यह सिखाता है कि जब भगवान श्री नारायण हमारे जीवन में आते हैं, तो वे हमें हर प्रकार की कठिनाई से उबारते हैं और हमारे जीवन को धन्य बना देते हैं। भगवान की भक्ति हमें उनकी दिव्य कृपा का अनुभव कराती है और हमें शांति और संतोष प्रदान करती है। इस भक्ति रस को और गहराई से अनुभव करने के लिए आप श्री हरि की महिमा अपार, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, नारायण, नारायण जय गोविंद हरे और संकट हरन श्री विष्णु जी जैसे अन्य भजनों का भी पाठ करें और भगवान श्री कृष्ण की कृपा का अनुभव करें। ????????