नाचे ठुमक ठुमक हनुमान मेहंदीपुर की गलियों में एक भक्तिमय भजन है जो भगवान हनुमान की महिमा और उनकी नृत्य कला का उत्सव करता है। इस भजन में हनुमान जी को मेहंदीपुर के गलियों में नाचते हुए दर्शाया गया है, जो अपनी अद्वितीय शक्ति और भक्ति के साथ हर स्थान को आशीर्वादित करते हैं। यह भजन हनुमान जी के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए भक्तों के दिलों में एक पवित्र जोश और भक्ति का संचार करता है।
Nache Thumak Thumak Hanuman Mehandipur Ki Galiyo Me
नाचे ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
मेहंदीपुर की गलियों में,
सालासर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
कैसे राम लखन गुण गाए,
सीता मंद मंद मुस्काए।
कैसे राम लखन गुण गाए,
सीता मंद मंद मुस्काए।
धरके श्रीराम का ध्यान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
बालाजी भर के चाव में,
नाचे जाणे राम के ब्याह में।
बालाजी भर के चाव में,
नाचे जाणे राम के ब्याह में।
पुरे करे सबके अरमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
एक हाथ में गदा विराजे,
गल में वैजन्ती साजे।
एक हाथ में गदा विराजे,
गल में वैजन्ती साजे।
राखे सब भक्ता का मान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
करते सबपे किरपा भारी,
ओ कलयुग के अवतारी।
करते सबपे किरपा भारी,
ओ कलयुग के अवतारी।
‘सुरिंदर फौजी’ को दो ज्ञान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
नाचे ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।
मेहंदीपुर की गलियों में,
सालासर की गलियों में।
नाचें ठुमक ठुमक हनुमान,
मेहंदीपुर की गलियों में।।
नाचे ठुमक ठुमक हनुमान मेहंदीपुर की गलियों में भजन का नियमित गायन भक्तों को हनुमान जी के रौद्र रूप और उनकी अनंत शक्ति का अहसास कराता है। इस भजन में भक्तों को यह विश्वास होता है कि हनुमान जी जहां भी रहते हैं, वहां पर हर तरह की बुरी शक्ति और बाधाएँ नष्ट हो जाती हैं। यह भजन भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष प्रदान करता है, क्योंकि वे महसूस करते हैं कि हनुमान जी उनकी हर मुश्किल में साथ हैं।