मुझे नहीं मालूम हुआ ये कैसे सारा काम जी भजन भक्त की आश्चर्यजनक अनुभूति को प्रकट करता है, जब उसे अपने जीवन में हनुमान जी की कृपा का आभास होता है। यह भजन दर्शाता है कि कैसे बजरंगबली की अदृश्य शक्ति भक्तों के कार्यों को सहजता से पूरा कर देती है, और उन्हें पता भी नहीं चलता कि कठिनाइयाँ कब समाप्त हो गईं। यह भजन हमें यह समझाने का प्रयास करता है कि जब हम सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करते हैं, तो वे बिना कहे ही हमारी सहायता करते हैं और हमारे जीवन की हर समस्या का हल निकालते हैं।
Mujhe nahin Maloom Hua ye Kaise sara kam ji
मुझे नहीं मालूम हुआ ये,
कैसे सारा काम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
बिना पंख और बिना यान मैं,
कैसे सागर पार गया।
कैसे बच गया सुरसा से,
कैसे निशिचरी को मार गया।
प्रभु इच्छा से दुष्ट लंकिनी,
पहुँच गई यम धाम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
माँ सिता के दर्शन करके,
मिटी मेरी चिंता सारी।
वृक्षों पर फल देखके मैया,
मुझको भूख लगी भारी।
भूख मिटाने की खातिर,
वहाँ करना पड़ा संग्राम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
युद्ध में मर गए कुछ सेनिक,
और रावण का एक पुत्र मरा।
मेघनाद ने बाँध मुझे,
रावण की सभा में पेश करा।
मेरी पूछ जलाने का वहाँ,
खेल हुआ सरेआम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
जतन कर रहा था मैं तो वहाँ,
अपनी पूंछ बुझाने का।
मुझको दोषी मान लिया,
रावण की लंका जलाने का।
बाल एक नही जला पूंछ का,
लंका जली तमाम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
पूंछ बची और जान बची,
प्रभु ने मुझ पर अहसान किया।
अजर अमर होने का मुझे,
माँ सिता ने वरदान दिया।
काम किया सब प्रभु राम ने,
अमर हुआ हनुमान जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
मुझे नहीं मालूम हुआ ये,
कैसे सारा काम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।
मैं तो एक जरिया हूँ,
कर्ता धर्ता है श्री राम जी।।
जीवन में कई बार ऐसे क्षण आते हैं जब हम किसी समस्या में उलझे होते हैं, और अचानक हमें राहत मिलती है, लेकिन हमें समझ नहीं आता कि यह कैसे हुआ। यही हनुमान जी की कृपा का चमत्कार होता है। जब कोई सच्चे मन से उन्हें पुकारता है, तो वे उसकी सहायता अवश्य करते हैं, चाहे वह प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे या नहीं। यह भजन हमें सिखाता है कि हमें अपने जीवन में हनुमान जी पर अटूट विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि वे हर समय अपने भक्तों की देखभाल कर रहे होते हैं।