Recently, I got scammed by this scam casino. At first, everything looked legitimate but once I deposited a larger amount and tried to withdraw my winnings i got scammed.

मिट्टी हमारी है मूर्ति तुम्हारी है

भक्तों, यह जीवन भी मिट्टी के समान है, लेकिन जब इसे श्याम बाबा की भक्ति से जोड़ दिया जाता है, तो यह अमूल्य बन जाता है। जैसे कुम्हार साधारण मिट्टी को सुंदर मूर्ति का रूप देता है, वैसे ही श्याम बाबा हमारी अधूरी जिंदगी को अपने प्रेम और कृपा से संवार देते हैं। आज हम जिस भजन मिट्टी हमारी है मूर्ति तुम्हारी है की चर्चा कर रहे हैं, वह इसी भक्ति भाव को प्रकट करता है।

Mitti Humari Hai Murti Tumhari Hai

धरती पर ऐसा मिलन हुआ पहली बारी है
मिट्टी हमारी है मूर्ति तुम्हारी है

मिट्टी हमारी श्याम ऐसी ख़ुशक़िस्मत है
हर मिट्टी पर बाबा यें पर गई भारी है

इस भक्त की मिट्टी से मेरे श्याम बने हो तुम
हर मूर्ति से ज़्यादा ये मूर्ति प्यारी है

इतनी तसल्ली है तुझमें समा गये हम
ऐसा बनने ख़ातिर सारी दुनिया हारी है

जब तक है मेरा जीवन इसे रोज़ निहारु है
रहे आख़ियाँ सलामत हो तेरी ज़िम्मेदारी है

मिट्टी के जैसे ही मेरे प्राण समा जाए
मर्ज़ी तुम्हारी है अर्ज़ी हमारी है

मिट्टी को अपनाया मुझको भी अपना लो
जो कर ना किया मैंने अब तेरी बारी है

मेरे प्राण निकले तो गोद पे रहे
सपना हमारा है इच्छा तुम्हारी है

सब कुछ किया हमने तेरे बनने ख़ातिर
बनवाड़ी माफ़ करो मेरी होशियारी है

मेरे मिट्टी से बना तुम्हें घर पै रखूँगा
तुम पर मेरे सावरिया मेरी हकदारी है

धरती पर ऐसा मिलन हुआ पहली बारी है
मिट्टी हमारी है मूर्ति तुम्हारी है।

श्याम बाबा की भक्ति से ही हमारा जीवन सार्थक बनता है। जब हम खुद को उनके चरणों में अर्पित कर देते हैं, तब वही हमें पूर्णता प्रदान करते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि समर्पण ही सच्ची भक्ति है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “खाटू नगरी जो भी आया, बनते उसके काम हैं”, “महसूस होने लगी है कृपा, खाटू में जब से आने लगा हूँ”, “तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार”, और “भरोसे हम तो बाबा के, जो होगा देखा जाएगा” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में लीन हो जाएं।

Leave a comment