मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई

भक्त जब सच्चे मन से माँ की पूजा-अर्चना करता है, तो उसकी हर भक्ति माँ के चरणों में समर्पित हो जाती है। मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई भजन इसी प्रेम और श्रद्धा को दर्शाता है, जहाँ भक्त माँ को अपनी भक्ति का प्रतीक लाल चुनरिया अर्पित करता है। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ की पूजा कर अपने मन को भक्तिमय करें।

Meri Pooja Kar Swikaar Maa Terei Lal Chunariya Le Aayi

मेरी पूजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,
मुझे दर्शन दे इस बार,
मैं तेरे दर पे दौड़ी आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।1।

मैं तेरी बिटियां तू मेरी माई,
तीन लोक में तेरी दुहाई,
मैया तू रचाले हाथ,
मैया तू रचाले हाथ,
तेरे लिए मेहंदी ले आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।2।

अगर कपूर की बाती लाई,
द्वारे तेरे ज्योत जलाई,
मैया तू लगा ले भोग,
मैया तू लगा ले भोग,
तेरे लिए हलवा ले आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।3।

कुण्डल कंगना कजरा लाई,
चूड़ी नगीना गजरा लाई,
मैया तू बुझा ले प्यास,
मैया तू बुझा ले प्यास,
हो नीर मैं प्रीत का ले आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।4।

बिंदिया झांजर झुमका लाई,
मैं हूँ तेरी नहीं पराई,
मैया तू चबाले पान,
मैया तू चबाले पान,
तेरे लिए बीड़ा ले आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।5।

मेरी पूजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई,
मुझे दर्शन दे इस बार,
मैं तेरे दर पे दौड़ी आई,
मेरी पुजा कर स्वीकार,
माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई।6।

माँ अपने भक्तों की हर भेंट को प्रेमपूर्वक स्वीकार करती हैं और उनकी हर प्रार्थना सुनती हैं। मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई भजन इसी भक्ति-भाव को प्रकट करता है। यदि यह भजन आपको भक्ति-भाव से भर देता है, तो “मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी मैया आएगी” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ की कृपा और उनके आगमन की पावन अनुभूति का सुंदर वर्णन किया गया है।

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