मेहंदीपुर जाऊँगा बिगड़ी बनाऊँगा भजन हनुमान जी की असीम शक्ति और उनके भक्तों के लिए उनकी कृपा का आह्वान करता है। यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों द्वारा गाया जाता है जो हनुमान जी के आशीर्वाद से अपने जीवन के कठिनाइयों और संकटों को दूर करना चाहते हैं। मेहंदीपुर के प्रसिद्ध मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की श्रद्धा को इस भजन के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
Mehandipur Jaunga Bigadi Banaunga
मेहंदीपुर जाऊँगा, बिगड़ी बनाऊँगा।
चरणोँ मेँ बाला के, सर अपना झुकाऊँगा,
पाऊँगा बालाजी का प्यार, करूं तन मन अर्पण॥
तेरी महिमा बड़ी भारी है जगत मेँ तेरा उजाला है।
हे लाल लंगोटे वाले सबका तू प्रतिपाला है,
कलयुग का देव निराला, पल मेँ वर देने वाला,
हो खाली ना जाऊँगा, खुशियोँ से अपना मैँ
दामन भर ले जाऊँगा,
करना न बाबा इन्कार, करूँ तन मन अर्पण॥1॥
पाऊँगा बालाजी का …
सालासर मेँ बजरंगी ने, डेरा अपना लगाया है।
दिखाकर शक्ति अपनी यह, सारे जग मेँ छाया है।
भेजते हैँ बुलावा भक्तोँ को, दर पे अपने बुलाते हैं,
हो भटके को राह दिखाते, मन का अंधेरा मिटाते,
सोया भाग्य देते जगा
करते हैँ बेड़ा पार, करूँ तन मन अर्पण॥2॥
पाऊँगा बालाजी का …
पैदल पैदल बाबा मैँ, धाम तेरे आऊँगा।
लड्डू पेड़ा खीर चूरमा भोग लगाऊँगा।
सोने के छत्र चढ़ाऊँ, माथे सिन्दूर तिलक लगाऊँ,
जैकार तेरी बुलाऊँगा
‘खेदड़’ की नैया करना पार, करूँ तन मन अर्पण॥3॥
पाऊँगा बालाजी का …
मेहंदीपुर जाऊँगा, बिगड़ी बनाऊँगा।
चरणोँ मेँ बाला के, सर अपना झुकाऊँगा,
पाऊँगा बालाजी का प्यार, करूं तन मन अर्पण॥
यह भजन हनुमान जी की कृपा और उनकी अपार शक्ति का परिचय देता है। हनुमान जी के दरबार में हर समस्या का समाधान है, चाहे वह शारीरिक हो, मानसिक हो या आध्यात्मिक। जैसे इस भजन में कहा गया है कि ‘बिगड़ी बनाऊँगा’, यह वचन हनुमान जी के प्रति अडिग विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। इसके साथ ही, यह भजन हमें याद दिलाता है कि जीवन में चाहे जो भी संकट हो, हनुमान जी के आशीर्वाद से हम हर कठिनाई को पार कर सकते हैं।