माँ अंजनी का प्यारा लाल, घोटा हाथ लंगोटा लाल भजन भक्तों के हृदय में बाल हनुमान की छवि को सजीव कर देता है। यह भजन माता अंजनी के लाल, पवनसुत हनुमान की बाललीलाओं और उनके अलौकिक स्वरूप का सुंदर वर्णन करता है। जब भक्त इस भजन को गाते हैं, तो वे भाव-विभोर होकर प्रभु के बाल रूप का ध्यान करते हैं और उनकी भक्ति में डूब जाते हैं। यह भजन हनुमान जी की निर्भीकता, उनकी शक्ति और भोलापन, तीनों को एक साथ प्रस्तुत करता है।
Man Anjani ka Pyara Lal ghota Hath Langota
माँ अंजनी का प्यारा लाल,
घोटा हाथ लंगोटा लाल।
जो भी ध्यान लगाए दिल से,
जो भी ध्यान लगाए दिल से।
देता है संकट को टाल,
मां अंजनी का प्यारा लाल।
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
भोले का अवतार है बजरंग,
वीरों का सरदार है बजरंग।
भक्तों के खातिर दौड़ा आए,
भक्तों के खातिर दौड़ा आए।
और दुष्टों का ये है काल,
मां अंजनी का प्यारा लाल।
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
श्री राम की आज्ञा पाकर,
ललकारे ये लंका जाकर।
अक्षय को मारे पटक पटक कर,
अक्षय को मारे पटक पटक कर।
रूप धरा कैसा विकराल,
मां अंजनी का प्यारा लाल।
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
जब अहिरावण ने छल करके,
लाया राम लखन को हर के।
रूप देवी का पहुँचे धर के,
रूप देवी का पहुँचे धर के।
पंचमुखी हनुमत पाताल,
मां अंजनी का प्यारा लाल,
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
अद्भुत माया है हनुमत की,
रेखा बदले ये किस्मत की।
‘लख्खा’ बात बताए सच्ची,
‘लख्खा’ बात बताए सच्ची।
ध्यान लगा ले ओ ‘राजपाल’,
मां अंजनी का प्यारा लाल,
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
माँ अंजनी का प्यारा लाल।
घोटा हाथ लंगोटा लाल,
जो भी ध्यान लगाए दिल से।
जो भी ध्यान लगाए दिल से,
देता है संकट को टाल।
मां अंजनी का प्यारा लाल,
घोटा हाथ लंगोटा लाल।।
हनुमान जी के बाल स्वरूप का यह भजन हमें उनकी बाल्यावस्था की लीलाओं से जोड़ता है, जहाँ वे माता अंजनी के लाडले के रूप में अपनी चपलता और अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हैं। उनके लंगोटे वाला सादगी भरा रूप और उनके बलशाली स्वरूप को देखकर भक्तों के मन में श्रद्धा और प्रेम का संचार होता है। यह भजन हमें यह भी सिखाता है कि हनुमान जी की भक्ति से जीवन की हर कठिनाई को पार किया जा सकता है, क्योंकि वे भक्तों के संकट हरने वाले और सुख-समृद्धि देने वाले देवता हैं।