मैं लाडला चामुंडा रानी का लिरिक्स

माँ चामुंडा की कृपा जिस भक्त पर होती है, उसका जीवन सुख, शांति और विजय से भर जाता है। मैं लाडला चामुंडा रानी का भजन एक भक्त की उस गहरी आस्था को दर्शाता है, जहाँ वह खुद को माँ चामुंडा का प्रिय और संरक्षित मानता है। माँ अपने भक्तों को हर कठिनाई से बचाती हैं और उनकी रक्षा का संकल्प लेती हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ चामुंडा की महिमा का गुणगान करें।

Main Ladla Chamunda Rani Ka Lyrics

माता वैष्णो महारानी का,
जगदंबे मात भवानी का,
मैं लाडला तुलजा रानी का,
मैं लाडला चामुंडा रानी का,
मैं लाडला अम्बे रानी का।1।

देवास की पावन भूमि पर,
एक पर्वत बड़ा विशाल है,
पर्वत से बरसती है रहमत,
जो करती मालामाल है,
सब जिसको शीश झुकाते है,
उस प्यारी मात भवानी का,
मैं लाडला तुलजा रानी का,
मैं लाडला चामुण्डा रानी का,
मैं लाडला अम्बे रानी का।2।

मैं उनकी महिमा कैसे कहूं,
वो खेल निराले करती है,
ना रंग चढ़े अंधीयारो का,
मां ऐसे उजाले करती है,
सब जिनसे मांगने आते है,
मैं सेवक उस महादानी का,
मैं लाडला तुलजा रानी का,
मैं लाडला चामुण्डा रानी का,
मैं लाडला अम्बे रानी का।3।

मैया के नाम की शक्ति से,
हर काम सफल बन जाता है,
माँ के चरणों को छूकर पानी,
गंगाजल बन जाता है,
जो मनचाहा वर देती है,
उन करुणामई वरदानी का,
मैं लाडला तुलजा रानी का,
मैं लाडला चामुण्डा रानी का,
मैं लाडला अम्बे रानी का।4।

माता वैष्णो महारानी का,
जगदंबे मात भवानी का,
मैं लाडला तुलजा रानी का,
मैं लाडला चामुंडा रानी का,
मैं लाडला अम्बे रानी का।5।

माँ चामुंडा की ममता अपार है, और उनके भक्त सदैव उनकी छत्रछाया में सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं लाडला चामुंडा रानी का” भजन माँ की इसी अटूट कृपा और भक्त के प्रेम को दर्शाता है। यदि यह भजन आपको माँ की भक्ति में डुबो देता है, तो “लगा दो सखी मैया को काजल को टीको” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ के दिव्य स्वरूप और उनके श्रृंगार का सुंदर वर्णन किया गया है।

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