मेरे चन्द्रप्रभु भगवान तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी

जब भक्ति की ज्योति प्रज्वलित होती है, तब मन परमात्मा के दिव्य स्वरूप में लीन हो जाता है। मेरे चन्द्रप्रभु भगवान तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी भजन चन्द्रप्रभु भगवान की अनुपम महिमा और उनकी प्रतिष्ठा की अलौकिक शोभा का वर्णन करता है। यह भजन हमें उनकी असीम करुणा और दिव्यता का अनुभव कराता है, जिससे भक्त … Read more

आया रे कुशल गुरु दरबार

जब गुरु का आशीर्वाद मिलता है, तब जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संचार होता है। आया रे कुशल गुरु दरबार भजन गुरु की कृपा और उनकी दिव्यता का गुणगान करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चे गुरु के दर्शन और उपदेश से जीवन धन्य हो जाता है। आइए, इस भजन … Read more

आई रे आई अंजनशलाका आई रे

जब धर्म का प्रकाश फूटता है, तब आत्मा पवित्रता और भक्ति के आनंद में मग्न हो जाती है। आई रे आई अंजनशलाका आई रे भजन जैन धर्म की पवित्र अंजनशलाका विधि की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन हमारे भीतर श्रद्धा, आस्था और धर्म के प्रति निष्ठा को जाग्रत करता है। आइए, इस भजन … Read more

म्हारा शान्ति गुरु ने खमा घणी

जब मन अशांत हो, तब केवल सद्गुरु का आशीर्वाद ही हमें सच्ची शांति प्रदान कर सकता है। म्हारा शान्ति गुरु ने खमा घणी भजन गुरु की महिमा को समर्पित है, जो हमें क्षमा, धैर्य और आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाते हैं। यह भजन हमें जैन धर्म के मूल सिद्धांतों की याद दिलाता है और हमारे हृदय … Read more

मैं नाकोडा जी जाऊँगा ले के सारा परिवार

श्रद्धा जब मन में घर कर लेती है, तो हर भक्त का हृदय परमात्मा के दरबार में जाने को आतुर हो उठता है। मैं नाकोडा जी जाऊँगा ले के सारा परिवार भजन इसी भक्तिभाव को प्रकट करता है। यह नाकोडा भैरव जी की कृपा और उनकी महिमा को दर्शाने वाला मधुर भजन है, जो हर … Read more

टाबरिया आया थारे द्वार रे भेरूजी म्हारा रे

भक्ति की गहराइयों में जब श्रद्धा का दीप जलता है, तब हर शब्द, हर सुर, एक आध्यात्मिक अनुभूति बन जाता है। टाबरिया आया थारे द्वार रे भेरूजी म्हारा रे भजन भी ऐसी ही भक्ति भावना से ओतप्रोत है। यह भजन हमें भेरूजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण की अनुभूति कराता है, जिससे मन … Read more

महावीर प्रभु की आरती जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो। ॐ जय… सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी, स्वामी वैभव था भारी बाल ब्रह्मचारी व्रत पाल्यौ तपधारी ॐ जय… आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॐ जय… जग में पाठ अहिंसा, आपहि विस्तार्यो हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म परिचार्यो ॐ जय… इह विधि चांदनपुर में अतिशय दरशायौ ग्वाल मनोरथ पूर्‌यो दूध गाय पायौ ॐ जय… प्राणदान मन्त्री को तुमने प्रभु दीना मन्दिर तीन शिखर का, निर्मित है कीना ॐ जय… जयपुर नृप भी तेरे, अतिशय के सेवी एक ग्राम तिन दीनों, सेवा हित यह भी ॐ जय… जो कोई तेरे दर पर, इच्छा कर आवै होय मनोरथ पूरण, संकट मिट जावै ॐ जय… निशि दिन प्रभु मंदिर में, जगमग ज्योति जरै!! हरि प्रसाद चरणों में, आनंद मोद भरै ॐ जय…

Mahavir Prabhu Ki Aarti | महावीर प्रभु की आरती: अहिंसा और शांति का प्रतीक

महावीर प्रभु की आरती जैन धर्म में भगवान महावीर की पूजा और भक्ति का एक प्रमुख हिस्सा है। Mahavir Prabhu Ki Aarti भगवान महावीर के आदर्शों, त्याग और सत्य के प्रति समर्पण को समर्पित है। भगवान महावीर, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, सत्य, अहिंसा, और करुणा के प्रतीक हैं। उनकी आरती के माध्यम से भक्त … Read more