माँ दुर्गा की महिमा अनंत है, जो संपूर्ण सृष्टि को अपनी ममता और शक्ति से संचालित करती हैं। भक्तों के कष्ट हरने वाली माँ की कृपा जिस पर बरसती है, उसका जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। माँ की महिमा जग में अपरम्पार है भजन माँ की इस दिव्य महिमा का गुणगान करता है, जो युगों-युगों से भक्तों की आस्था का केंद्र रही है। यह भजन माँ की अपार शक्ति, ममता और करुणा को दर्शाता है, जिससे हर भक्त माँ की छत्रछाया में सुरक्षित और धन्य महसूस करता है।
Maa Ki Mahima Jag Me Aparmpar Hai
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग में अपरम्पार है,
अपरम्पार है अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।1।
जगजननी तू है दुखहरणी,
माँ तू ही है मंगलकरणी,
तेरे चरणों में सारा संसार है,
तेरे चरणों में सारा संसार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।2।
जगदम्बा तू भोली भाली,
तेरी महिमा जग से निराली,
मेहरवाली करुणा की भंडार है,
मेहरवाली करुणा की भंडार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।3।
जोतावाली तू माँ काली,
करती सबकी तू रखवाली,
तुमसे ही माँ श्रष्टि का आधार है,
तुमसे ही माँ श्रष्टि का आधार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।4।
तेरे दरश को मैं हूँ प्यासा,
तुझसे ही माँ मुझको आशा,
दर्शन दोगी तेरा ये इकरार है,
दर्शन दोगी तेरा ये इकरार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।5।
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग में अपरम्पार है,
अपरम्पार है अपरम्पार है,
शेरावाली का सजा दरबार है,
माँ की महिमा जग मे अपरम्पार है।6।
माँ की महिमा सच में अपरंपार है, उनकी कृपा से असंभव भी संभव बन जाता है। “माँ की महिमा जग में अपरम्पार है” भजन हमें माँ के अलौकिक स्वरूप की अनुभूति कराता है और हमें यह विश्वास दिलाता है कि माँ सदा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। जब भी मन विचलित हो या जीवन में कठिनाइयाँ आएं, माँ के चरणों में समर्पण ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। यदि यह भजन सुनकर आपकी भक्ति और दृढ़ हुई है, तो “[रात शेरावाली माँ कमाल कर गई]” जैसे अन्य भजन भी अवश्य सुनें और माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। जय माता दी! ????✨