माँ काली केवल शक्ति और संहार की देवी नहीं, बल्कि भक्तों की रक्षा करने वाली करुणामयी माता भी हैं। जब-जब अधर्म बढ़ता है और भक्त संकट में पड़ते हैं, माँ काली अपनी महिमा से संसार की रक्षा करती हैं। माँ काली ने देखो भक्तों लीला रचाई भजन माँ की अद्भुत लीलाओं और उनके भक्तों पर होने वाली कृपा का वर्णन करता है, जहाँ वे बुराई का नाश कर धर्म की स्थापना करती हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ काली के दिव्य रूप और उनकी अपार शक्ति का स्मरण करें।
Maa Kali Ne Dekho Bhakto Lila Rachayi
माँ काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई,
जय हो कालका माई,
तेरी जय हो कालका माई।1।
असुरों का ये वध करने को,
काली रूप में आई,
मां काली रूप में आई,
दुष्टों का संहार किया जब,
शांत न होने पाई,
मां शांत ना होने पाई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।2।
मां काली के क्रोध की ज्वाला,
किसी से रुक ना पाई,
किसी से रुक ना पाई,
देवी देव जो सामने आए,
मां ने कटार चलाई,
मां ने कटार चलाई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।3।
शिथिल हुए जब देवी देवता,
शिव को अर्ज लगाई,
शिव को अर्ज लगाई,
बात सुनी जब महादेव ने,
अदभुत लीला रचाई,
अदभुत लीला रचाई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।4।
उठ खड़े हो भोलेबाबा,
रण में शक्ति दिखाई,
रण में शक्ति दिखाई,
मां के पांव तले आकर,
मां काली शांत कराई,
मां काली शांत कराई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।5।
मां ने क्रोध में पांव धरा,
नही दिया था कुछ भी दिखाई,
नही दिया था कुछ भी दिखाई,
शांत हुई भोले को देख जब,
रूदन में मां चिल्लाई,
रूदन में मां चिल्लाई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।6।
इसी रूप में मां काली,
भद्रकाली कहलाई,
मां भद्रकाली कहलाई,
सभी देवी देवों ने अंत में,
जय जयकार लगाई,
जय जयकार लगाई,
मां काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई।7।
माँ काली ने देखो,
भक्तों लीला रचाई,
जय हो कालका माई,
तेरी जय हो कालका माई।8।
माँ काली की लीला अपरंपार है, वे अपने भक्तों की हर विपत्ति हरकर उन्हें सही मार्ग दिखाती हैं। माँ काली ने देखो भक्तों लीला रचाई भजन हमें माँ के दिव्य चमत्कारों और उनके अटूट प्रेम की अनुभूति कराता है। यदि यह भजन आपको भक्ति-भाव से भर देता है, तो “जय काली कलकत्ते वाली” भजन भी अवश्य करें, जिसमें माँ काली की महिमा और उनके भक्तों के प्रति उनकी अनुकंपा का अद्भुत वर्णन किया गया है।