लाल लंगोटे वाले, वीर हनुमान हैं भजन हनुमान जी की शक्ति, पराक्रम और उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों को यह एहसास कराता है कि हनुमान जी केवल बल और साहस के प्रतीक ही नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और समर्पण के भी प्रतीक हैं। लाल लंगोट धारण किए, गदा लिए, अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले हनुमान जी का यह भजन भक्तों के मन में जोश और श्रद्धा का संचार करता है, जिससे उनका विश्वास और अधिक दृढ़ हो जाता है।
Lal Langote wale Veer Hanuman hai
लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है,
हनुमान गढ़ी में बैठे।
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
बजरंगी का हूँ मैं दीवाना।
हर दम गाऊं यही तराना,
तेरा ही इस जीवन पर एहसान है।
हनुमान गढ़ी में बैठे,
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
तू मेरा मैं तेरा प्यारे,
ये जीवन अब तेरे सहारे।
बजरंगी ही सब भक्तों की जान है,
हनुमान गढ़ी में बैठे।
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
पागल प्रीत की एक ही आशा,
दर्दे दिल दर्शन का प्यासा।
बजरंगी से ही भक्तों का सामान है,
हनुमान गढ़ी में बैठे।
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
तुझको अपना मान लिया है,
जीवन तेरे नाम किया है।
‘गुरु ब्रजमोहन देवेंद्र’ का तुझसे मान है,
हनुमान गढ़ी में बैठे।
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है,
हनुमान गढ़ी में बैठे।
अयोध्या की शान है,
लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है।।
हनुमान जी की उपासना करने से हर भय, दुख और संकट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान जी का स्मरण करते हैं, तो वे हमारे जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता को दूर कर देते हैं और हमें आत्मबल, साहस और सफलता प्रदान करते हैं। उनकी भक्ति करने से मन में अपार ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।