Lakshmnan Sa Bhai Ho Kaushalya Mai Ho
लक्ष्मण सा भाई हो,
कौशल्या माई हो,
स्वामी तुम जैसा…
मेरा रघुराई हो,
स्वामी तुम जैसा…
मेरा रघुराई हो।।
नगरी हो अयोध्या सी,
रघुकुल सा घराना हो,
चरण हो राघव के…
जहाँ मेरा ठिकाना हो,
चरण हो राघव के…
जहाँ मेरा ठिकाना हो।।
हो त्याग भरत जैसा,
सीता सी नारी हो,
लव कुश के जैसी…
संतान हुमारी हो,
लव कुश के जैसी…
संतान हुमारी हो।।
श्रद्धा हो श्रवण जैसी,
शबरी सी भक्ति हो,
हनुमत के जैसी…
निष्ठा और शक्ति हो,
हनुमत के जैसी…
निष्ठा और शक्ति हो।।
मेरी जीवन नैया हो,
प्रभु राम खिवैया हो,
राम कृपा की सदा मेरे…
सिर पर छैया हो,
राम कृपा की सदा मेरे…
सिर पर छैया हो।।
सरयू का किनारा हो,
निर्मल जलधारा हो,
दर्श मुझे भगवन…
जिस घड़ी तुम्हारा हो,
दर्श मुझे भगवन…
जिस घड़ी तुम्हारा हो।।
लक्ष्मण सा भाई हो,
कौशल्या माई हो…
स्वामी तुम जैसा,
मेरा रघुराई हो…
स्वामी तुम जैसा,
मेरा रघुराई हो।।