लक्ष्मी पूजा हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए की जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि हो। दीवाली के दिन लक्ष्मी माता की पूजा का विशेष महत्व होता है। यदि इसे सही विधि से किया जाए तो मां की कृपा सदैव बनी रहती है। इस लेख में हम जानेंगे Lakshmi Puja की विधि और इससे मिलने वाले लाभ।
Lakshmi Puja कब की जा सकती है?

लक्ष्मी जी की पूजा अमावस्या, नवरात्रि, दीवाली के दिन की जा सकती है, और कुछ लोग शुक्रवार को भी पूजा करते हैं। इसके अलावा, यह पूजा नई चाँद (नवचंद्रमा) के दिन भी की जा सकती है। इस पूजा के लिए अपनी जनम नक्षत्र के अनुसार तिथि निर्धारित करने के लिए आपको पंडित/पुरोहित से परामर्श लेना चाहिए।
2025 में लक्ष्मी माता पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त
2025 में लक्ष्मी जी की पूजा सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जो दीपावली का मुख्य दिन है। इस दिन माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा कर धन, समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5:45 बजे से 7:39 बजे तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजन करने की विधि
माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय है उनकी पूजा को सच्चे मन और सही विधि से करना। चलिए बताते हैं पूजा की पूरी प्रक्रिया:
- पूजा स्थल: सबसे पहले पूजा वाले स्थान की अच्छे से सफाई करें और वहां गंगाजल या शुद्ध जल से पूरे घर में छिड़काव करें ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो।
- चौकी सजाएं: लकड़ी की एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर लक्ष्मी माता की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। साथ में गणेश जी की मूर्ति भी रखें।
- पूजा सामग्री: दीपक, अगरबत्ती, कपूर, फूल, चावल, कुमकुम, हल्दी, मिठाई, बताशे, सुपारी, पान के पत्ते, सिंदूर, गंगाजल, नारियल, दूध, शहद, घी, शक्कर, दही, फल आदि।
- कलश स्थापना: तांबे या मिट्टी के दीपक जलाएं और एक कलश को जल से भरकर आम के पत्ते और नारियल के साथ स्थापित करें।
- पूजा और अर्पण: फूल, चावल, कुमकुम, हल्दी, मिठाई, फल, नारियल आदि अर्पित करें और दीपक और अगरबत्ती जलाएं।
- आह्वान: “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करते हुए माता को आमंत्रित करें।
- आरती करें: घंटी बजाते हुए माता लक्ष्मी की आरती करें — “ॐ जय लक्ष्मी माता“।
- प्रसाद वितरण: पूजा के बाद प्रसाद सभी घरवालों को दें और स्वयं भी ग्रहण करें।
Lakshmi Puja की यह विधि न सिर्फ धन-समृद्धि लाती है, बल्कि आपके घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी भर देती है।
पूजा करने के लाभ
- धन-समृद्धि: माँ लक्ष्मी धन की देवी हैं। उनकी पूजा करने से जीवन में आर्थिक समृद्धि आती है और धन की स्थिरता बनी रहती है।
- सकारात्मक ऊर्जा: इससे घर में पवित्रता और सकारात्मकता बढ़ती है। बुरी शक्तियाँ दूर होती हैं और घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है।
- मानसिक शांति: माँ लक्ष्मी की पूजा मन को शांति देती है और तनाव दूर करने में सहायता करती है। इससे परिवार के सभी सदस्य मानसिक रूप से संतुलित रहते हैं।
- सुख-शांति: इस पूजा से घर में सौहार्द और पारिवारिक मेलजोल बढ़ता है। आपसी प्रेम बना रहता है और कलह की स्थिति नहीं होती।
- उन्नति: जो लोग व्यापार करते हैं या नौकरी में हैं, उन्हें लक्ष्मी माँ की पूजा से कार्य में सफलता और तरक्की प्राप्त होती है। रुके हुए कार्य भी आसानी से पूर्ण होते हैं।
- आध्यात्मिक उन्नति: यह पूजा केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक लाभ भी देती है। यह पूजा व्यक्ति को आभार, दान और भक्ति जैसे गुणों की ओर प्रेरित करती है।
- वास्तु दोष: इस पूजा से कई प्रकार के वास्तु दोष भी शांत होते हैं, जिससे घर में बरकत बनी रहती है।
लक्ष्मी पूजा का सही तरीके से आयोजन न केवल धन-समृद्धि का स्रोत बनता है, बल्कि यह आपके जीवन में सुख-शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी लाता है। साथ ही, इस पूजा को जानने के बाद आप lakshmi ji ki aarti और Diwali Puja जैसे अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को भी समझ सकते हैं, जो आपके जीवन में और भी अधिक सुख और समृद्धि ला सकते हैं।
FAQ
दीपावली पर प्रदोष काल और स्थिर लग्न में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ होता है।
इस पूजा के बाद घर में धन की वर्षा, आध्यात्मिक शांति, परिवार में सुख-शांति, और वास्तु दोष का निवारण होता है।
हां, अगर संभव हो तो हर शुक्रवार लक्ष्मी माता की साधारण पूजा की जा सकती है।
कमल का फूल लक्ष्मी माता को सबसे अधिक प्रिय होता है।
पूजा में 5 या 7 दीपक जलाना श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि यह माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद को आकर्षित करता है।