जब माँ के भक्त उनकी कृपा और आशीर्वाद से अभिभूत हो जाते हैं, तो वे श्रद्धा से उनके दरबार को सजाते हैं और प्रेमपूर्वक वहाँ झंडा चढ़ाते हैं। लगे हैं झंडा मैया तोरे द्वारे भजन इसी भक्ति-भाव को प्रकट करता है, जहाँ भक्त माँ के दरबार में अपनी श्रद्धा और समर्पण अर्पित करता है। यह भजन माँ के दरबार की दिव्यता और भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। आइए, इस भजन के साथ माँ के पावन चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करें।
Lage Hai Jhanda Maiya Tore Dware
लगे हैं झंडा मैया तोरे द्वारे,
मैया तोरे द्वारे,
भवानी तोरे द्वारे।1।
जो भी अरज माई से लगाये,
मन की मुरादे भवानी से पाए,
खंडे है बंदा,
मैया तोरे द्वारे।2।
उंची उंची सीढिया है कठिन चढ़ाई,
जहाँ बिराजी है महामाई,
गूंगा लंगड़ा अंधा,
मैया तोरे द्वारे।3।
एक हाथ त्रिसूल धरे है,
दूजे तलवार मैया खप्पर धरे है,
गदा ले खंडा,
मैया तोरे द्वारे।4।
सेवा करे दिन रात भवानी,
पूज रहै सब रिषि मुनि ज्ञानी,
बने दीप पंडा,
मैया तोरे द्वारे।5।
लगे हैं झंडा मैया तोरे द्वारे,
मैया तोरे द्वारे,
भवानी तोरे द्वारे।6।
माँ का दरबार श्रद्धा और भक्ति से गूंजता रहता है, और वहाँ लहराते झंडे भक्तों की सच्ची आस्था के प्रतीक होते हैं। लगे हैं झंडा मैया तोरे द्वारे भजन माँ के दरबार की भव्यता और भक्तों की अटूट निष्ठा को दर्शाता है। यदि यह भजन आपको भक्ति-भाव से भर देता है, तो “तेरी जगमग ज्योत जगाई है मां तेरे जगराते में” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ की ज्योत, आराधना और उनकी कृपा का अद्भुत वर्णन किया गया है।