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Kuber Ji Ki Aarti Lyrics | कुबेर जी की आरती लिरिक्स : धन समृद्धि का आगमन

कुबेर जी की आरती लिरिक्स और इसकी धुन सदियों से भक्तों के हृदय में भक्ति और श्रद्धा का संचार करती आई है। कुबेर जी को धन और संपत्ति के देवता माना जाता है, और हिंदू धर्म में उनकी आराधना विशेष महत्त्व रखती है। जब भी भक्तगण संपत्ति, सौभाग्य और समृद्धि की कामना करते हैं, तब वे भगवान कुबेर की आराधना करते हैं, ताकि उनकी कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि का संचार हो सके।

Kuber Ji Ki Aarti Lyrics को गाने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि यह आर्थिक उन्नति के मार्ग को भी प्रशस्त करती है। इस आरती के बोल हमें स्मरण कराते है कि कुबेर जी के आशीर्वाद से ही जीवन में वैभव, ऐश्वर्य और धन-धान्य की प्राप्ति संभव है। कुबेर भगवान की आरती को हमने आपके लिए निचे उपलब्ध कराया है, जिससे आप भी अपने जीवन में धन और वैभव की प्राप्ति कर सकें।

कुबेर जी की आरती लिरिक्स

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे
स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे,
शरण पड़े भगतों के
भण्डार कुबेर भरे।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े,
दैत्य दानव मानव से
कई-कई युद्ध लड़े।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे
स्वामी सिर पर छत्र फिरे,
योगिनी मंगल गावैं
सब जय जय कार करैं।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

गदा त्रिशूल हाथ में शस्त्र बहुत धरे
स्वामी शस्त्र बहुत धरे,
दुख भय संकट मोचन
धनुष टंकार करें।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

भांति भांति के व्यंजन बहुत बने
स्वामी व्यंजन बहुत बने,
मोहन भोग लगावैं
साथ में उड़द चने।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े
स्वामी हम तेरी शरण पड़े,
अपने भक्त जनों के
सारे काम संवारे।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले
स्वामी मोतियन हार गले,
अगर कपूर की बाती
घी की जोत जले।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे
स्वामी जो कोई नर गावे,
कहत प्रेमपाल स्वामी
मनवांछित फल पावे।
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…

आरती के शब्दों में जो मिठास और शक्ति है, वह भक्तों को कुबेर जी के प्रति आस्था और भक्ति से भर देती है। इनके साथ साथ Shri Chitrgupt Ji Ki Aarti, Lakshmi Aarti Lyrics और Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics आरती करने का भी बहुत महत्त्व है क्योकि इन सभी लोगो को धन और समृद्धि का देवता माना जाता है।

Kuber Ji Ki Aarti Lyrics की विधि

कुबेर जी की आरती को सही विधि से करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि आप उनसे धन, समृद्धि, और आर्थिक सफलता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। नीचे दी गई विधि से आप कुबेर जी की पूजा और आरती कर सकते हैं:

  1. स्नान: सबसे स्नान करके शुद्ध हो जाये और स्वच्छ कपड़ें पहन लें।
  2. पूजा स्थल की: अब पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें और वहां शांति बनाए रखें। एक स्वच्छ आसन पर बैठें और कुबेर जी की मूर्ति या चित्र को पूजा स्थल पर रखें।
  3. पूजा सामग्री: एक दीपक, अगरबत्ती, फूल, चंदन, सिंदूर, और प्रसाद जैसे आवश्यक सामग्री तैयार करें। दीपक और अगरबत्ती जलाकर वातावरण में शुभ्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। चंदन और सिंदूर अर्पित करें।
  4. ध्यान और आह्वान: आरती करने से पहले कुबेर जी का ध्यान करें और उन्हें आह्वान करें। आप यह मंत्र बोल सकते हैं “ॐ कुबेराय नमः”, “ॐ महालक्ष्म्यै नमः”आदि इन मंत्रों का जाप करें ताकि आपके मन में श्रद्धा और विश्वास उत्पन्न हो और आरती का विधिपूर्वक पाठ किया जा सके।
  5. आरती: अब ऊपर दिए गए कुबेर आरती का पाठ करें। आरती करते समय दीपक को चारों ओर घुमाएं और मंत्रों के साथ उसे गाएं।
  6. प्रसाद बाटें: आरती के बाद, कुबेर जी को अर्पित भोग (लड्डू, फल, मिठाई) रखें और उसे प्रसाद के रूप में घर के सभी सदस्यो में वितरित करें।
  7. आशीर्वाद: आरती और पूजा के बाद कुबेर जी से समृद्धि, धन, और सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त करें। यह प्रार्थना करें कि वे आपके जीवन में स्थिरता और समृद्धि का वास करें।
  8. समापन: आरती के अंत में धन्यवाद दें और कुबेर जी से आशीर्वाद प्राप्त करें। बाद में पूजा सामग्री को इकट्ठा करें और पूजा का समापन करें।

आरती के लाभ

कुबेर जी की आरती का नियमित रूप से पाठ करने से व्यक्ति को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। नीचे कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं जो कुबेर जी की आरती से प्राप्त हो सकते हैं:

  • आर्थिक समृद्धि: कुबेर जी की आरती से घर में धन और समृद्धि का वास होता है। यदि किसी व्यक्ति को धन की किल्लत हो, तो आरती के नियमित पाठ से उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
  • व्यवसाय में सफलता: कुबेर जी के आशीर्वाद से व्यवसाय में सफलता मिलती है। आरती का पाठ करने से व्यापार में रुकावटें दूर होती हैं और नई संभावनाओं का रास्ता खुलता है।
  • सुख और शांति: इसके नियमित पाठ से घर में सुख-शांति का वास होता है और परिवार में आनंद का माहौल बनता है। कुबेर जी की कृपा से जीवन में संतुलन बना रहता है।
  • दुखों का निवारण: कुबेर जी की आरती का पाठ करने से जीवन में आने वाली तमाम बाधाओं और कठिनाइयों का निवारण होता है।
  • भाग्य का उदय: आरती के माध्यम से कुबेर जी का आशीर्वाद प्राप्त होने से व्यक्ति के भाग्य में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
  • धन-संपत्ति: कुबेर जी की आरती से न केवल धन की प्राप्ति होती है, बल्कि अर्जित धन का संरक्षण भी होता है। यह पूजा इस बात को सुनिश्चित करती है कि व्यक्ति द्वारा अर्जित संपत्ति बनी रहे और बढ़े।
  • आध्यात्मिक उन्नति: आरती के नियमित पाठ से व्यक्ति की मानसिक स्थिति संतुलित रहती है और वह आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होता है। यह व्यक्ति को आध्यात्मिक दृष्टि से भी उन्नति की ओर ले जाती है।

FAQ

इनकी आरती विशेष रूप से धनतेरस, दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर करने का विशेष महत्त्व है, ताकि घर में कुबेर जी की कृपा बनी रहे और पूरे परिवार को समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त हो।

इनकी आरती आमतौर पर शाम के समय में की जाती है लेकिन आप सुबह और शाम दोनों समय में इनकी आरती कर सकते है।

इनकी आरती करने से घर में कभी भी धन्य- धान की कमी नहीं होती है, जिससे हम आर्थिक संकटो से दूर रहते है।

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