सजधज कर के झूले में मेरे सरकार बैठे है

जब श्याम बाबा अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर झूले में विराजमान होते हैं, तो वह दृश्य अलौकिक और आनंदमय हो जाता है। सजधज कर के झूले में मेरे सरकार बैठे हैं भजन इसी दिव्य क्षण को दर्शाता है, जहाँ श्याम बाबा सोलह श्रृंगार करके अपने भक्तों के प्रेम का आदर करते हैं और झूलन उत्सव का आनंद लेते हैं। यह भजन भक्तों के प्रेम, समर्पण और श्याम बाबा की कृपा का प्रतीक है। आइए, इस भजन को पढ़ें और इस पावन क्षण का अनुभव करें।

Saj Dhaj Kar Ke Jhule Me Mere Sarkar Baithe Hai

सजधज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है,
मजा सावन का लेने को,
वो लखदातार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।।1।।

कहीं कोयल की कुकू है,
कहीं छमछम है बारिश की,
लगाकर इत्र और चन्दन,
लगाकर इत्र और चन्दन,
करके श्रृंगार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।।2।

झुलाते बारी बारी से,
भगत झूले में बाबा को,
कोई मुस्कान तो देखो,
कोई मुस्कान तो देखो,
हम भी दिल हार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।।3।

‘राज’ हरियाली चारों ओर,
झूम के सावन आया है,
लुटाने प्रेम का अमृत,
लुटाने प्रेम का अमृत,
आज दिलदार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।।4।

सजधज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है,
मजा सावन का लेने को,
वो लखदातार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।।5।

श्याम बाबा की भक्ति का आनंद वही समझ सकता है, जिसने सच्चे मन से उन्हें अपने जीवन का आधार बना लिया है। उनकी इस असीम कृपा को भक्तों के झूले में श्री श्याम बैठे हैं, खाटू वाले श्याम बाबा तेरी महिमा न्यारी है, श्याम नाम के दीवाने देखो लाखों मिलेंगे, अब तो आ जा खाटू के श्याम जैसे अन्य भजनों में भी अनुभव किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को भक्तिमय बनाएं। जय श्री श्याम! ????????

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