मुझको तो मेरे श्याम धणी का प्यार चाहिए

कृष्ण प्रेम की मधुर अनुभूति हर भक्त के हृदय को आनंद से भर देती है। जब मन श्यामसुंदर की भक्ति में लीन होता है, तो संसार की हर चिंता मिट जाती है और केवल उनके दिव्य प्रेम की चाह शेष रहती है। भजन मुझको तो मेरे श्याम धणी का प्यार चाहिए इसी गहरी भक्ति भावना को प्रकट करता है, जिसमें एक भक्त की तड़प और उनके प्रति अटूट प्रेम झलकता है। आइए, इस भजन के भावों में डूबकर श्रीकृष्ण की भक्ति का आनंद लें।

Mujhko To Mere Shyam Dhani Ka Pyar Chahiye

ना धन दौलत कोठी,
बँगला कार चाहिए,
मुझको तो खाटू वाले का,
दीदार चाहिए
मुझको तो मेरे श्याम धणी,
का प्यार चाहिए।1।

सबकी बिगड़ी बनाने वाला,
हारे का है सहारा,
मेरे श्याम धणी के दर का,
ऐसा गज़ब नज़ारा,
अब और किसी भी दर की,
ना दरकार चाहिए,
मुझको तो खाटू वाले का,
दीदार चाहिए
मुझ को तो मेरे श्यामधणी,
का प्यार चाहिए।2।

बरसो से मैं ढूंढ रहा हूँ,
आन मिलो मेरे बाबा,
कब होगी मुझ पर भी कृपा,
दरस दिखा दो बाबा,
दर्शन के प्यासे नैना को,
दीदार चाहिए,
मुझको तो खाटू वाले का,
दीदार चाहिए
मुझ को तो मेरे श्यामधणी,
का प्यार चाहिए।3।

मुझको प्यारी लागे भूमि,
बाबा खाटू धाम की,
लागी लगन है मुझको बाबा,
बस तेरे ही नाम की,
चरणों में तेरे चाकरी,
दिन रात चाहिए,
मुझको तो खाटू वाले का,
दीदार चाहिए
मुझ को तो मेरे श्यामधणी,
का प्यार चाहिए।4।

ना धन दौलत कोठी,
बँगला कार चाहिए,
मुझको तो खाटू वाले का,
दीदार चाहिए
मुझ को तो मेरे श्याम धणी,
का प्यार चाहिए।5।

कृष्ण प्रेम ही वह अमृत है, जो संसार की हर पीड़ा को हर लेता है। जब भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण से केवल उनके प्रेम की कामना करता है, तो यह भक्ति का सबसे उच्च स्वरूप बन जाता है। ऐसे ही सुंदर भजनों को पढ़ें और करें, जैसे श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, राधे राधे जपो चले आएंगे बिहारी, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो और कौन कहता है भगवान आते नहीं, जिससे कृष्ण प्रेम की अनुभूति और भी प्रगाढ़ हो सके। ????????

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