भक्त की सच्ची भक्ति और प्रेम से भगवान श्रीकृष्ण कितने प्रसन्न होते हैं, इसका सबसे सुंदर उदाहरण भक्तिन कर्मा बाई की कथा है। भजन जीमो जीमो म्हारा मदन गोपाल, कर्मा बाई रो खीचड़लो इसी भाव को दर्शाता है कि जब प्रेम सच्चा होता है, तो प्रभु उसे किसी भी रूप में स्वीकार कर लेते हैं। यह भजन भक्त और भगवान के अटूट प्रेम की अमर गाथा को संजोए हुए है, जो हर श्रद्धालु को भक्ति की सच्ची राह दिखाता है।
Jimo Jimo Mhara Madan Gopal Karma Bai Ro Khichadalo
जीमो जीमो म्हारा मदन गोपाल,
कर्मा बाई रो खीचड़लो,
जीमो जीमो म्हारा द्वारिका रा नाथ,
कर्मा बाई रो खीचड़लो।।1।।
रूठा भूखा क्यों बैठा थे,
रुक्मण रा भरतार,
भूखा बैठा नहीं सरे नहीं,
एक दिवस रो काम,
भूखा बैठा रा पिच जासी दोनों गाल,
कर्मा बाई रो खीचड़लो,
जीमो जीमो म्हारा द्वारिका रा नाथ,
कर्मा बाई रो खीचड़लो।।2।।
षट रस भोजन मैं नहीं जानू,
खाटो छे अनुराग,
रूखो सुखो राम सोगरो,
ग्वारफली रो साग,
लाई बाटकड़ी में मिठो दही घाल,
Bhajan Diary Lyrics,
कर्मा बाई रो खीचड़लो,
जीमो जीमो म्हारा द्वारिका रा नाथ,
कर्मा बाई रो खीचड़लो।।3।।
जीमो जीमो म्हारा मदन गोपाल,
कर्मा बाई रो खीचड़लो,
जीमो जीमो म्हारा द्वारिका रा नाथ,
कर्मा बाई रो खीचड़लो।।4।।
श्रीकृष्ण केवल भोग-राग से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और निष्ठा से प्रसन्न होते हैं। उनकी भक्ति में डूबने वाला हर भक्त अपने जीवन को कृतार्थ कर लेता है। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे दिल में उठी उमंग तेरे दीदार की, ब्रजवासियों के भाग आज खुल जायेंगे, श्याम आएंगे, जब से जन्मे कृष्ण कन्हाई, मेरे तो भाग्य उजागर है और ब्रज की गली गली में शोर, आयो आयो माखन चोर, जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और भी गहरी हो जाए। ????????