हार कर सांवरे जग से मैं खाटू धाम आया हूँ

कभी-कभी जीवन में ऐसी स्थितियाँ आती हैं, जब सारी दुनिया से हारकर इंसान अपने ह्रदय की आवाज़ सुनता है और शरण लेने के लिए बस एक स्थान बचता है—श्याम बाबा का दरबार। हार कर सांवरे जग से मैं खाटू धाम आया हूँ भजन उसी भावनाओं को व्यक्त करता है, जहाँ एक भक्त अपनी सारी परेशानियों और दुखों को लेकर खाटू श्याम के दरबार में आता है, यह विश्वास रखते हुए कि बाबा की कृपा से उसकी हर कठिनाई दूर हो जाएगी। आइए, इस भजन को पढ़ें और श्याम बाबा की अनंत कृपा का अनुभव करें।

Haar Kar Sanware Jag Se Main Khatu Dham Aaya Hun

हार कर सांवरे जग से,
मैं खाटू धाम आया हूँ,
बंदिशें इस ज़माने की,
मैं सारी तोड़ आया हूँ।।1।।

ये झूठा है जहाँ सारा,
यहाँ मतलब के सब रिश्ते,
इसी मतलब की दुनिया से,
मैं रिश्ता तोड़ आया हूँ।।2।।

तू हारे का सहारा है,
जहाँ सारा ये कहता है,
जो जग से हार कर आते,
तू उनके संग रहता है।।3।।

अमर तेरी कहानी है,
ऐ बाबा शीश के दानी,
तेरी गाथा को सुनकर ही,
तेरे दरबार आया हूँ।।4।।

जल्दी से आजा सांवरिया,
ये दिल घबरा रहा मेरा,
मुझे बस इस ज़माने में,
सहारा एक है तेरा।।5।।

भटक कर ‘अश्वनी’ दर दर,
तेरी चौखट पर आया है,
मुझे तू ही सम्भालेगा,
यही विश्वास लाया हूँ।।6।।

हार कर सांवरे जग से,
मैं खाटू धाम आया हूँ,
बंदिशें इस ज़माने की,
मैं सारी तोड़ आया हूँ।।7।

खाटू श्याम का दरबार सचमुच हर दुखी और परेशान भक्त के लिए एक पवित्र आश्रय है। बाबा की दयालुता और आशीर्वाद को मुझको खाटू बुलाने लगा है, चालो खाटू जी दरबार, श्याम की बोल के जय जयकार, लाखों नमन है बाबा तेरे दरबार को, बाबा को ढूंढता हूँ खाटू की हर गली में जैसे अन्य भजनों में भी अनुभव किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में लीन होकर उनके प्रेम और आशीर्वाद का अनुभव करें। जय श्री श्याम! ????????

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