एक तेरे सिवा मेरे श्याम धनी कोई और ना

भक्त का प्रेम जब अपने आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पित हो जाता है, तो उसके मन में किसी और की चाह नहीं रहती। एक तेरे सिवा मेरे श्याम धनी कोई और ना भजन भी इसी अनन्य भक्ति और प्रेम को प्रकट करता है, जहाँ भक्त अपने श्याम बाबा को अपना सर्वस्व मानता है। आइए, इस भजन को पढ़ें और खाटू श्याम जी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें।

Ek Tere Siva Mere Shyam Dhani Koi Aur Na

एक तेरे सिवा मेरे श्याम धनी,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना,
मेरी बीच भवर में नैया,
अब ना छोड़ना,
ना छोड़ना ना छोड़ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।1।।

इस झूठे जग ने बाबा,
हर पल मुझको ठुकराया,
जो भी थे मेरे अपने,
कोई मेरे काम ना आया,
मैं तेरे भरोसे बैठा,
दिल ना तोड़ना,
ना तोड़ना ना तोड़ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।2।

देखी है दुनियादारी,
दुनिया के रंग निराले,
मेरी बीच भवर में नैया,
बिन तेरे कौन संभाले,
बन जाओ खिवैया,
बीच भवर ना छोड़ना,
ना छोड़ना ना छोड़ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।3।

हम दर दर भटक रहे है,
एक तुमसे आस लगाए,
इतनी तू किरपा करना,
हर ग्यारस खाटू आए,
देखे ये दुनिया,
ऐसा रिश्ता जोड़ना,
हां जोड़ना हा जोड़ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।4।

तेरे अटके काम बनेंगे,
खाटू की कर तैयारी,
‘संजय भोली’ संग गूंजे,
आवाज ‘पवन’ की प्यारी,
हो गई है श्याम से यारी,
भाए और ना,
हां और ना हां और ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।5।

एक तेरे सिवा मेरे श्याम धनी,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना,
मेरी बीच भवर में नैया,
अब ना छोड़ना,
ना छोड़ना ना छोड़ना,
एक तेरे सिवा मेरे सांवरिया,
कोई और ना,
सुन लो ये मन की बातें,
मुख ना मोड़ना।।6।

श्याम बाबा अपने भक्तों के सच्चे प्रेम को कभी अस्वीकार नहीं करते। जो भी पूरी श्रद्धा से उन्हें अपना सब कुछ मान लेता है, उसकी हर चिंता बाबा स्वयं दूर कर देते हैं। उनकी इस अनंत कृपा का अनुभव श्याम नाम के दीवाने देखो लाखों मिलेंगे, हे श्याम तेरा दीवाना आया है, अब तो आ जा खाटू के श्याम, खाटू वाले श्याम बाबा तेरी महिमा न्यारी है जैसे अन्य भजनों में भी किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को कृतार्थ करें। जय श्री श्याम! ????????

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