जब जीवन की कठिनाइयाँ हमें घेर लेती हैं और मन अशांत हो जाता है, तब श्याम बाबा के दरबार में आकर हम सुकून और शांति का अनुभव करते हैं। दिल को सुकून मिलता ऐ श्याम तेरे दर पे भजन उसी दिव्य शांति और संतुष्टि को व्यक्त करता है, जो श्याम बाबा के चरणों में होती है। आइए, इस भजन को पढ़ें और श्याम बाबा के दरबार में पाई जाने वाली अपार शांति का अनुभव करें।
Dil Ko Sukun Milata Ye Shyam Tere Dar Pe
दिल को सुकून मिलता,
ऐ श्याम तेरे दर पे,
मुरझाया फूल खिलता,
ऐ श्याम तेरे दर पे।।1।।
तू हारे का सहारा,
तू शीश का है दानी,
सारा जहान झुकता,
सारा जहान झुकता,
ऐ श्याम तेरे दर पे।।2।।
मेरा हाल ए ग़म है,
सुनाने के क़ाबिल,
सुनो तुम सुनो मैं,
सुना के रहूँगा,
यही ठान ली है,
खाटू के राजा,
मैं तुमको भी अपना,
बना के रहूँगा,
मिटा दूँगा खुद को मैं,
चरणों में तेरे,
दर से मैं बिगड़ी,
बना के रहूँगा,
तेरे दर पे आया हूँ मैं,
झोली खाली लाया हूँ मैं,
बाबा मेरी विनती सुन लो,
मैं हूँ तेरे दर का भिखारी,
तू है दाता मैं हूँ पुजारी,
तेरे जैसा कौन है दानी,
तेरे जैसा कौन है दानी।3।।
जिसने तुम्हे पुकारा,
उसको मिला सहारा,
भर जाती झोली खाली,
भर जाती झोली खाली,
ऐ श्याम तेरे दर पे।।4।।
मेरी ज़िंदगी के मालिक,
बस इतनी कृपा करना,
‘संतोष’ मुझको मिलता,
संतोष मुझको मिलता,
ऐ श्याम तेरे दर पे।।5।।
दिल को सुकून मिलता,
ऐ श्याम तेरे दर पे,
मुरझाया फूल खिलता,
ऐ श्याम तेरे दर पे।।6।।
श्याम बाबा के दरबार में आकर दिल को जो सुकून मिलता है, वह शब्दों से परे है। उनकी अनमोल कृपा को अब हार गया हूँ श्याम, तेरे भजनों में है जादू महसूस तुझे ही करूं मैं, हारे के सहारे श्याम, मुझे गले लगा लो ना, मांगो दातार से खाटू दरबार से जैसे अन्य भजनों में भी महसूस किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में लीन होकर उनके आशीर्वाद और शांति का अनुभव करें। जय श्री श्याम! ????????