बाबा तेरी नगरी निराली जो जाते मनाते है दिवाली

बाबा तेरी नगरी निराली, जो जाते मनाते हैं दिवाली —यह भजन खाटू नगरी की महिमा और वहाँ होने वाली दिव्य अनुभूति का वर्णन करता है। बाबा श्याम की नगरी ऐसी अनुपम है कि वहाँ जाने वाला भक्त लौकिक सुखों को भूलकर आध्यात्मिक आनंद में डूब जाता है। खाटू धाम में हर दिन दिवाली के समान रोशन होता है, क्योंकि वहाँ भक्तों के हृदय में श्याम नाम की ज्योत जलती रहती है।

Baba Teri Nagari Nirali Jo Jate Manate Hai Diwali

बाबा तेरी नगरी निराली,
जो जाते मनाते है दिवाली,
दर से कोई लौटा ना खाली,
जो जाते मनाते है दिवाली।।1।।

रिंगस से खाटू को पैदल है जाते,
रस्ते में श्याम श्याम के गुण है गाते,
लाइन से जाके है नज़रे मिलाते,
एक पल में अपनी सुधबुध बिसराते,
कृपा की नज़र जिसपे डाली,
जो जाते मनाते है दिवाली।।2।।

तीनबाण धारी है लीले सवारी,
हारे का साथी ये कृष्ण मुरारी,
जादू चला कर के अपना बनाए,
बिन मांगे भक्तों की झोली भर जाए,
करता है ये सबकी रखवाली,
जो जाते मनाते है दिवाली।।3।।

चौखट पे आके मैं शीश झुकाती,
भजन सुनाकर के तुझको रिझाती,
राधा को अपने दर पे बुलालो,
असुवन की धारा मैं भेंट चढाती,
सबने अपनी बिगड़ी बनाली,
जो जाते मनाते है दिवाली।।4।।

बाबा तेरी नगरी निराली,
जो जाते मनाते है दिवाली,
दर से कोई लौटा ना खाली,
जो जाते मनाते है दिवाली।।5।।

खाटू श्याम बाबा की महिमा अपरंपार है, उनकी नगरी में जाने मात्र से जीवन का अंधकार दूर हो जाता है। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो खाटू वाले का जन्मदिन है आया, मेरे घर के ऊपर तेरी मोरछड़ी का साया हो ,और तेरे दरबार आए हैं, जहाँ से हार आए हैं जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम भक्ति में रम जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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