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कितना रोई पार्वती शिवनाथ के लिए भजन लिरिक्स

कितना रोई पार्वती शिवनाथ के लिए एक अत्यंत मार्मिक और भावनात्मक शिव भजन है, जो माता पार्वती के भगवान शिव के प्रति समर्पण, प्रेम और तपस्या को दर्शाता है। इस भजन में यह बताया गया है कि पार्वती जी ने कितनी पीड़ा और संघर्ष झेले, केवल शिवनाथ को पाने के लिए। यह भजन नारी शक्ति के धैर्य, भक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाता है और हमें सिखाता है कि सच्चे प्रेम और तपस्या से भगवान शिव भी पिघल जाते हैं।

Kitna Roi Parvati Shivnath Ke Liye Bhajan Lyrics

कितना रोई पार्वती,
शिवनाथ के लिए,
मैं तो प्राण भी तज दूंगी,
भोलेनाथ के लिए,
सबने कितना समझाया,
पर ना मानी महामाया।।

जबसे हाँ जनम लिया था,
शिव को था अपना माना,
शिव का ही वरण करूँगी,
मन में था ये ही ठाना,
मैं कुछ भी कर दूंगी,
शिव के साथ के लिए,
मैं कुछ भी कर दूंगी,
शिव के साथ के लिए,
मैं तो प्राण भी तज दूंगी,
भोलेनाथ के लिए,
सबने कितना समझाया,
पर ना मानी महामाया।।

वो औघड़ है वो योगी,
हिमाचल ने समझाया,
बड़ा तू दुख सहेगी,
मैना माँ ने बतलाया,
एक ना मानी फिर भी,
शिव के हाथ के लिए,
एक ना मानी फिर भी,
शिव के हाथ के लिए,
मैं तो प्राण भी तज दूंगी,
भोलेनाथ के लिए,
सबने कितना समझाया,
पर ना मानी महामाया।।

सप्त ऋषियो ने आकर,
भी गौरा को समझाया,
पिए वो भंग धतूरा,
नाग को गले बिठाया,
और भी जागी श्रद्धा,
कृपा नाथ के लिए,
और भी जागी श्रद्धा,
कृपा नाथ के लिए,
मैं तो प्राण भी तज दूंगी,
भोलेनाथ के लिए,
सबने कितना समझाया,
पर ना मानी महामाया।।

कितना रोई पार्वती,
शिवनाथ के लिए,
मैं तो प्राण भी तज दूंगी,
भोलेनाथ के लिए,
सबने कितना समझाया,
पर ना मानी महामाया।।

“कितना रोई पार्वती शिवनाथ के लिए” जैसे भजन हमें माता पार्वती की दृढ़ भक्ति और भगवान शिव की कृपा का गहरा बोध कराते हैं। शिवजी की भक्ति से जीवन में धैर्य, शांति और साधना की शक्ति प्राप्त होती है। भगवान शिव के अन्य भजनों जैसे “गौरा ढूंढ रही किसी ने मेरा भोला देखा”, “भोले बाबा की शादी का है त्योहार जी”, “किया तप इस कदर हुआ शिव पे असर”, और “भोले बाबा से जिनका संबंध है” को भी अवश्य पढ़ें। ऐसे भजनों के माध्यम से हम शिव-पार्वती की अमर कथा से प्रेरणा पाते हैं और अपनी भक्ति को और भी सशक्त बना सकते हैं।

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