खुशहाल करती मालामाल करती भजन लिरिक्स

माँ की कृपा जिस भक्त पर बरसती है, उसका जीवन खुशियों से भर जाता है। खुशहाल करती, मालामाल करती भजन माँ की उस असीम दयालुता का गुणगान करता है, जिससे भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। माँ अपने भक्तों के दुख हरती हैं और उन्हें सफलता, शांति और आशीर्वाद प्रदान करती हैं। यह भजन हमें माँ की भक्ति में लीन होने और उनके चरणों में श्रद्धा अर्पित करने की प्रेरणा देता है।

Khushahal Karti Malamal Karti

खुशहाल करती,
मालामाल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।1।

अम्बे रानी वरदानी,
बैठी खोल के भंडारे,
झोली ले गया भरा के,
आया चलके जो द्वारे,
नहीं टाल करती,
तत्काल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।2।

हर दुख जाए टल,
हर मुश्किल हो हल,
झोपड़ी से हो महल,
नहीं लगे एक पल,
माँ कमाल करती,
बेमिसाल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।3।

माँ के नाम वाला अमृत,
जो पी ले एक बार,
होगा बाल ना बांका,
चाहे बैरी हो संसार,
रक्षा आप सरल,
बन ढाल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।4।

‘लक्खा’ लाखों के बदल डाले,
लिखे माँ ने लेख,
टाटा नगर वाले ‘शर्मा’ की,
ओर भी तो देख,
ना संभाल करती,
ना ख्याल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।5।

खुशहाल करती,
मालामाल करती,
शेरावाली अपने,
भक्तों को निहाल करती।6।

माँ की महिमा अपरंपार है, वे अपने भक्तों को हर संकट से उबारती हैं और उनके जीवन को मंगलमय बनाती हैं। “खुशहाल करती, मालामाल करती” भजन हमें माँ के प्रति आस्था और समर्पण का मार्ग दिखाता है। यदि यह भजन आपके मन को माँ की भक्ति से भर रहा है, तो “[शेरावाली शेरावाली सिंह पे सवार]” जैसे अन्य भक्तिमय भजन भी अवश्य सुनें और माँ की कृपा प्राप्त करें। जय माता दी! ????✨

Leave a comment