Kahi Dekhi Nahi Aesi Baarat Ke Sun Sakhi Pavati
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
आगे आगे देवो की टोली बोले हर हर महादेव बोली,
तेरी जय हो बोले नाथ सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
पीछे संगी भंगी का दल है पीते गांजा भंगिया तरल है
झूमे मस्ती में सारी बरात सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
दुलाह राजा नंदी विराजे तन पे भस्मी और सर्प साजे,
जटा लम्बी तिरशूल डमरू हाथ के सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
तू है सखी इक सुंदर सी बाला.
वर तेरा सखी ओगड़ है काला
तेरी कैसे निभेगी उस के साथ सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती