कहने को भक्त करोड़ो है श्री राम भक्त सबसे आला भजन लिरिक्स

संसार में करोड़ों भक्त हैं, लेकिन श्रीराम के सच्चे भक्त बनने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। कहने को भक्त करोड़ों हैं, श्रीराम भक्त सबसे आला भजन हमें यह एहसास कराता है कि हनुमान जी की तरह निष्काम और निःस्वार्थ भक्ति करने वाले भक्त ही प्रभु के सच्चे सेवक होते हैं। हनुमान जी ने अपना जीवन श्रीराम की सेवा और उनके आदर्शों के पालन में अर्पित कर दिया, इसलिए वे सबसे श्रेष्ठ भक्त माने जाते हैं। यह भजन हमें भी हनुमान जी जैसी भक्ति करने की प्रेरणा देता है।

Kahane Ko Bhakt Karoro Hai Shri Ram Bhakt Sabse Aala

कहने को भक्त करोड़ो है,
श्री राम भक्त सबसे आला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो है,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

जब राम पे विपदा आई तो,
श्री राम का तुमने साथ दिया
सीता की सुध लेने को गए,
हनुमान समुन्दर लांघ दिया
अक्षय को मार दिया बाग़ उजाड़,
लंका को धु धु जला डाला,
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो
मेरा महावीर बजरंगबाला,
कहने को भक्त करोड़ो हैं,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

झोली में सीता माता की,
श्री राम निशानी डाल दई
अंगूठी ले चूड़ामणि माँ ने,
हनुमान के हाथ दई
चूड़ामणि देख राम रोए,
लंका पे हमला कर डाला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो हैं,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

लक्ष्मण को शक्ति बाण लगा,
संजीवनी बूटी लाए थे
और लगा लिया श्री राम गले,
लक्ष्मण के प्राण बचाए थे
तुम भाई भरत समान मेरे,
हनुमान अंजनी के लाला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो हैं,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

जब राम लखन को अहिरावण,
पाताल में लेकर आया था
कुलदेवी को पाताल धसा,
अहिरावण मार गिराया था
कांधे पे बिठा कर ले आए,
आजाद कैद से कर डाला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो हैं,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

जब भरी सभा में हनुमान जी,
सीना फाड़ दिखाते है
मेरे रोम रोम तन मन सीने में,
सीताराम समाते है
‘निर्वाण’ तू चाहे जुगल बन जा,
श्री राम नाम का मतवाला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो हैं,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

कहने को भक्त करोड़ो है,
श्री राम भक्त सबसे आला
मेहन्दीपुर घाटे वाला वो,
मेरा महावीर बजरंगबाला
कहने को भक्त करोड़ो है,
श्री राम भक्त सबसे आला।।

श्रीराम के प्रति निष्ठा और समर्पण ही भक्ति का सर्वोच्च रूप है। कहने को भक्त करोड़ों हैं, श्रीराम भक्त सबसे आला भजन हमें बताता है कि हनुमान जी जैसे अनन्य भक्त की तरह सेवा और श्रद्धा से भक्ति करें तो प्रभु स्वयं हमारे जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यदि इस भजन ने आपको भक्तिरस में डुबो दिया है, तो राम के बिना हनुमान अधूरे भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें हनुमान जी और श्रीराम के अद्भुत संबंध का वर्णन किया गया है। जय श्रीराम! जय हनुमान!

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