काल भैरव मंदिर उज्जैन मध्यप्रदेश के सबसे प्राचीन और रहस्यमयी मंदिरों में से एक है, जो भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित है। यह मंदिर विशेष रूप से अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भैरव बाबा को मद्य का भोग अर्पित किया जाता है। Kaal Bhairav Mandir Ujjain न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि एक अद्वितीय आध्यात्मिक यात्रा भी है-

मंदिर का महत्व और पौराणिक कथा
Ujjain Kaal Bhairav Mandir भगवान शिव के रुद्रावतार काल भैरव को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं महाकालेश्वर के आदेश से हुई थी। शिवपुराण में वर्णन है कि जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश पाँचवाँ मुख बना लिया, तब भगवान शिव ने क्रोध में आकर काल भैरव को उत्पन्न किया, जिन्होंने ब्रह्मा का पंचम सिर काट दिया। उसी समय से काल भैरव को “कर्मों के नियंता” और रक्षक देवता का स्थान प्राप्त हुआ।
मदिरा का भोग – एक अनोखी परंपरा

इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां भैरव बाबा को मदिरा अर्पित की जाती है। भक्त एक सीलबंद बोतल लाते हैं, जिसे पुजारी केवल आधा खोलते हैं, और वह मदिरा चमत्कारिक ढंग से मूर्ति में समा जाती है। इसे देखने हजारों श्रद्धालु देशभर से आते हैं।
Kaal Bhairav Mandir Ujjain Timings
- सुबह: 5:00 AM से
- रात्रि: 10:00 PM तक
- विशेष दिन: भैरव अष्टमी, शनिवार और कालाष्टमी पर यहाँ विशेष भीड़ होती है।
Kaal Bhairav Mandir Ujjain तक कैसे पहुंचे?
- रेलवे: उज्जैन जंक्शन से 3 किमी दूर
- बस: बस स्टैंड से ऑटो या रिक्शा में 10-15 मिनट
- निकटतम एयरपोर्ट: इंदौर (55 किमी)
- लोकल सुविधा: हर समय ऑटो/कैब उपलब्ध
ठहरने की सुविधा
उज्जैन में धर्मशालाओं से लेकर अच्छे होटल्स तक कई विकल्प हैं। भैरव मंदिर के पास भी कई साधक धर्मशालाएं उपलब्ध हैं, जैसे:
- महाकाल धर्मशाला
- उज्जैन टूरिस्ट लॉज
- MP टूरिज्म के होटल
काल भैरव मंदिर के चमत्कार
- Kaal Bhairav Mandir Ujjain में अर्पित मदिरा मूर्ति में समा जाती है, कोई रिसाव नहीं दिखता।
- रात्रि दर्शन के समय विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है।
- मान्यता है कि इस मंदिर की परिक्रमा करने से शत्रुओं का नाश, कर्ज से मुक्ति, और रोगों से राहत मिलती है।
विशेष पूजन विधि
- सबसे पहले मंदिर के बाहर से सरसों का तेल, नारियल और मदिरा लें।
- मंदिर में प्रवेश से पूर्व दर्शन के लिए थोड़ा तेल दीपक में डालें।
- पुजारी को भोग समर्पित करें, वह भैरव बाबा को मदिरा अर्पित करते हैं।
- अंत में मंदिर की 7 परिक्रमा करें और “ॐ काल भैरवाय नमः” मंत्र का जप करें।
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काल भैरव मंदिर उज्जैन केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि श्रद्धा, रहस्य और चमत्कारों का संगम है। यदि आप भैरव बाबा की सच्ची शरण में जाना चाहते हैं, तो यह स्थान अवश्य जाएं। आप काल भैरव मंत्र PDF या भैरव चालीसा PDF भी पढ़ सकते हैं, जो आपकी साधना को और प्रभावशाली बनाएंगे।
FAQ
यह तंत्र परंपरा से जुड़ी है, जिसमें भैरव बाबा को भोग रूप में मदिरा समर्पित की जाती है।
महिलाएं मंदिर में दर्शन कर सकती हैं, परंतु अधिकांशतः भोग पुजारी द्वारा ही अर्पित किया जाता है।
शनिवार, कालाष्टमी और भैरव अष्टमी के दिन विशेष फलदायी माने जाते हैं।
हाँ, परंतु 10 बजे तक ही मंदिर खुला रहता है।