सच्ची भक्ति के लिए न धन-दौलत की जरूरत होती है, न ही भव्य महलों की। जब मन में श्रद्धा हो और दिल में हनुमान जी के प्रति प्रेम, तो एक छोटी सी झोपड़ी भी भक्त के लिए स्वर्ग समान हो जाती है। “झोपड़िया छोटी सी” भजन हमें सिखाता है कि हनुमान जी की कृपा पाने के लिए किसी बड़े भवन की नहीं, बल्कि बड़े दिल की जरूरत होती है। उनका आशीर्वाद उस भक्त पर बरसता है, जो सच्चे मन से उन्हें स्मरण करता है।
Jopdiya Chhoti Si
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
तुझे कहा मैं बैठाऊ,
तुझे कैसे मैं रिझाउ,
मुझे इतना बता हनुमान,
ओए होए झोपड़िया….
भाग्य हमारा आप पधारे,
कृपा हुई तो दर्शन हुआ रे,
आके बड़ाया मान,
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
तूने आके बड़ाया मान,
ओए होए झोपड़िया….
ना कोई रिश्ता ना कोई नाता,
विश्वास मुझको अब भी ना आता,
बन गए मेरे महमान्,
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
तुम बन गए मेरे महमान्,
ओए होए झोपड़िया…..
है रूखी सुखी भोग लगाओ,
है रूखी सुखी भोग लगाओ,
परिवार से अब प्रेम बड़ाओ,
परिवार से अब प्रेम बड़ाओ,
ओए होए झोपड़िया…..
ना चाहिए चांदी ना चाहिए सोना,
बनवारी आँशु से चरणो को धोना,
करते रहे गुणगान,
ओए होए झोपड़िया छोटी सी,
बस करते रहे गुणगान,
ओए होए झोपड़िया…..
बजरंगबली अपने हर भक्त के लिए स्नेह रखते हैं, चाहे वह राजा हो या गरीब। उनकी भक्ति में डूबकर जीवन के हर सुख-दुःख को सहन किया जा सकता है। अगर यह भजन सुनकर आपका हृदय भक्तिरस से भर गया है, तो [अगला भजन: “ऐसा तेरा बल है बजरंग”] भी जरूर गाये, जिसमें हनुमान जी के अद्भुत बल और उनकी कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। ???? जय श्री राम! जय हनुमान!