जे मैं होन्दा दातिये मोर तेरे बागां दा भजन माँ के प्रति असीम प्रेम और समर्पण की भावना को दर्शाता है। यह भजन भक्त की उस कल्पना को सजीव करता है, जिसमें वह स्वयं को माँ के आंगन का मोर मानता है, जो केवल माँ के चरणों में नृत्य करने के लिए जन्मा है। माँ की महिमा का बखान करते हुए यह भजन भक्त और देवी के बीच के गहरे संबंध को दर्शाता है, जिसमें श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का अद्भुत समावेश है।
Je Main Hunda Datiye Mor Tere Bagan Da
जे मैं होन्दा दातिये,
मोर तेरे बागां दा,
तेरी बागी पहलां पांदा,
तैन्नु नच्च के व्खांदा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।1।
छम छम नच्चदा तेरे वेड़े,
हर दम रहन्दा तेरे नेड़े,
जै मैं होन्दां दातिये,
फूल तेरे बागां दा,
तेरी माला विच्च लग जान्दा,
तेरे अंग संग मुस्कांदा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।2।
तेरे चरणां तो बलिहारी,
वार देवां मैं खूशबू सारी,
जै मैं होन्दां दातिये,
बौढ़ तेरे मन्दिरां दा,
झूले कंजका नू झूलांदा,
अपनी छां दे विच्च बैठांदा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।3।
आन्दे भक्त माँ तेरे प्यारे,
रज्ज रज्ज लेन्दे तेरे नजारे,
जै मैं होन्दां दातिये,
पत्थर तेरी गुफा दा,
चरणी भगतां दे लग जांन्दा,
तेरी जय जयकार बुलान्दा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।4।
भक्त तेरे माँ आन्दे जान्दे,
दाती तेरा नाम ध्यांदे,
जै मैं होन्दां दातिये,
नीर तेरी गंगा दा,
सब दे पाप मै झौली पांदा,
‘चंचल’ मन निर्मल हो जांदा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।5।
जे मैं होन्दा दातिये,
मोर तेरे बागां दा,
तेरी बागी पहलां पांदा,
तैन्नु नच्च के व्खांदा,
हो तेरे रज्ज रज्ज दर्शन पांदा,
जै मैं होन्दां दातिये,
मोर तेरे बागां दा।6।
माँ के चरणों में बैठकर उनकी भक्ति में खो जाना ही सच्चे भक्त का परम सुख होता है। जब मन में माँ की भक्ति का दीप जलता है, तो जीवन में हर मुश्किल आसान लगने लगती है। अगर माँ की महिमा का और आनंद लेना चाहते हैं, तो “तेरे दर को मैं आज आया” भजन को भी अवश्य सुनें, जो माँ की कृपा और भक्त की भावनाओं को दर्शाने वाला एक सुंदर भजन है। जय माता दी! ????✨