जपते हैं राम की माला, राम दुलारे हनुमान भजन भगवान हनुमान जी की अखंड राम भक्ति और उनकी साधना का सुंदर वर्णन करता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जो व्यक्ति निरंतर श्रीराम के नाम का जाप करता है, उसका जीवन हर प्रकार के संकटों से मुक्त हो जाता है। हनुमान जी स्वयं इस भक्ति के जीवंत उदाहरण हैं, जो हर क्षण राम नाम का जाप करते हुए प्रभु की सेवा में लीन रहते हैं। जब भक्त इस भजन को गाते हैं, तो उनके मन में भी श्रीराम के प्रति भक्ति और श्रद्धा की भावना जागृत होती है।
Japate Hai Ram Ki Mala Ram Dulare Hanuman
जपते है राम की माला माला,
राम दुलारे हनुमान।।
दिन ना देखे रात ना देखे।
बस फेरे राम की माला,
राम रमाए ह्रदय बसाए।
राम रंग में तो खुद को रंग डाला,
चरणों में राम के ठिकाना, डाले।
बैठे है हनुमान,
जपतें है राम की माला माला,
राम दुलारे हनुमान।।
राज ना चाहे पाट ना चाहे,
बस करना चाहे राम की सेवा।
ना सोना चांदी ना हीरे मोती,
भोग में चाहे मिठाई ना मेवा।
चाहते है राम की भक्ति, भक्ति,
अंजनी लाला हनुमान।
जपतें है राम की माला माला,
राम दुलारे हनुमान।।
जहाँ कीर्तन प्रभु राम का,
वहाँ लगता है इनका तो डेरा।
जिसने राम को मन से ध्याया,
उनका काटा है भव का तो फेरा।
जो राम नाम को जपता, रटता,
जपतें है राम की माला माला।
राम दुलारे हनुमान।।
राम के सारे काज बनाए,
राम ह्रदय से अपने लगाए।
राम के नाम का तिलक लगाया,
चोला राम के नाम का ओढ़ाए।
चन्दन ये राम के नाम का, घिसता,
राम का प्यारा हनुमान।
जपतें है राम की माला माला,
राम दुलारे हनुमान।।
जपते है राम की माला माला,
राम दुलारे हनुमान।।
हनुमान जी को श्रीराम के सबसे प्रिय भक्त और उनके अनन्य सेवक के रूप में जाना जाता है। यह भजन हमें यह संदेश देता है कि यदि हम भी अपने जीवन में श्रीराम का नाम जपें और उनके मार्ग पर चलें, तो हमारे जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता दूर हो जाएगी। हनुमान जी की भक्ति हमें यह सिखाती है कि सच्चे प्रेम, समर्पण और निष्ठा के साथ की गई आराधना हमेशा फलदायी होती है और हमें प्रभु के निकट ले जाती है।