जाके सिर पर हाथ म्हारा बालाजी को होवे है भजन हनुमान जी की अपार कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है। यह भजन उनके महान अस्तित्व को सम्मानित करता है और यह बताता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण करता है, उसे उनके आशीर्वाद से हर संकट से उबरने की शक्ति मिलती है। यह भजन उन भक्तों के लिए एक प्रेरणा है जो जीवन में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और हनुमान जी की कृपा चाहते हैं।
Jake Sir Par Hath Mhara Balaji Ko Hove Hai
जाके सिर पर हाथ,
म्हारा बालाजी को होवे है।
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।।
कलयुग में बाबा का,
घर घर बजे डंका।
बड़े बलकारी है,
जो भाव से ध्यावे।
पल भर में आ जावे,
करे ना देरी है।
जाका जैसा भाव,
बाबो वैसे ही फल देवे है।
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।
म्हारा बालाजी को होवे है,
वाको बाल ना बाको होवे है ।
जाकें सिर पर हाथ।।
दुनिया की मस्ती में,
मत भूल बाबा ने।
यो ही तेरे काम को,
जईया मनावोला।
यो मान जावेगो,
भुको है भाव को।
भक्ता रो परिवार,
यो तो ताण के खुटी सोवे है।
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।
म्हारा बालाजी को होवे है,
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।।
एक बार जावोगा,
हर बार जावोगा।
बाबा के मेले में,
आंनद ही आंनद।
अमृत की हो बिरखा,
बाबा के मेले में।
लेकर याको नाम जो भी ,
पैदल याके जावे है।
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।
म्हारा बालाजी को होवे है,
वाको बाल ना बाको होवे है।
जाकें सिर पर हाथ।।
जाके सिर पर हाथ,
म्हारा बालाजी को होवे है।
वाको बाल ना बाको होवे है ,
जाकें सिर पर हाथ।।
यह भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान हनुमान के आशीर्वाद से कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। जब हनुमान जी अपने भक्तों के सिर पर हाथ रखते हैं, तो वे न केवल उनकी सुरक्षा करते हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और समृद्धि भी लाते हैं। इस भजन के माध्यम से हम अपने ह्रदय में हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और प्रेम को और भी गहरा करते हैं। जीवन के हर मोड़ पर हमें हनुमान जी के आशीर्वाद की आवश्यकता होती है, और यह भजन उनकी शक्ति और दिव्यता को महसूस करने का एक अद्भुत तरीका है। जय श्री हनुमान!