शिव भक्त के मन में जब भक्ति का ज्वार उमड़ता है, तो वह भोलेनाथ के चरणों में अपनी अर्जी लगाता है। महादेव, जो औघड़दानी हैं, जो बिना मांगे भी अपने भक्तों को सब कुछ दे देते हैं, उनके सामने जब कोई इतनी अर्जी है तुमसे मेरे भोलेनाथ कहकर अपनी विनती रखता है, तो शिव कृपा अवश्य बरसती है। यह भजन हमें शिव की अपार दयालुता और उनकी भक्तवत्सलता का अनुभव कराता है। आइए, इस भजन के माध्यम से हम भी महादेव के चरणों में अपनी अर्जी रखें और उनकी कृपा के पात्र बनें।
Itani Arji Hai Tumse Mere Bholenath
इतनी अर्जी है तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।
जैसे अभी तक बनाई है तुमने प्रभु,
वैसे ही और आगे बना देना तुम।
इतनी अर्जी हैं तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।।
महादानी वरदानी हो भोले बड़े,
भक्तों की दुख की घड़ीयों में तुम हो खड़े।
नाम लेते ही कारज बना जाते हो,
मेरा वंदन स्वीकारो मेरे भोले नाथ।
इतनी अर्जी हैं तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।।
सारे जग ने ठुकराया मेरे भोलेनाथ,
तूने दिया सहारा पकड़ा मेरा हाथ।
सर पर रखना हाथ अपना सदा भोलेनाथ,
छूटे ना कभी तेरा दर भोलेनाथ।
इतनी अर्जी हैं तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।।
ऐसी कृपा तुम करना मेरे भोले नाथ,
नाम जुबां पर रहे तेरा दिन हो या रात।
भक्ति करता रहूं हरदम तेरी ही बात,
तुमसे मांगू छूटे ना कभी अपना साथ।
इतनी अर्जी हैं तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।।
इतनी अर्जी है तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।
जैसे अभी तक बनाई है तुमने प्रभु,
वैसे ही और आगे बना देना तुम।
इतनी अर्जी हैं तुमसे मेरे भोलेनाथ,
थाम कर हाथ अब ना छुड़ा लेना तुम।।
भोलेनाथ की भक्ति में जो भी सच्चे मन से डूब जाता है, उसकी हर अर्जी स्वीकार होती है। शिव का नाम लेने मात्र से सारे दुख-दर्द समाप्त हो जाते हैं और जीवन आनंदमय हो जाता है। यदि यह भजन आपको शिव की भक्ति में मग्न कर गया, तो भोलेनाथ जी का डमरू दिन रात बज रहा है, शिव में मिलना है, कर दो दुखियों का दुःख दूर ओ बाघम्बर वाले, और महाकाल की लगन जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव भक्ति में लीन हो जाएं। जय भोलेनाथ! ????????